पिथौरागढ़। सीमांत जिले के मानसिक और अन्य गंभीर रोगियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सरकार ने एकमात्र मनोरोग चिकित्सक और एक अन्य सर्जन के स्थानांतरण को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद अब स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहेंगी।
जिले के मानसिक रोगियों को स्थानीय स्तर पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए एकमात्र मनोरोग चिकित्सक डॉ. ललित भट्ट की तैनाती है। वहीं जिला अस्पताल में तैनात दो सर्जन पर जिले भर के मरीजों की जांच, इलाज और ऑपरेशन की जिम्मेदारी है। बीते दिनों एकमात्र मनोरोग चिकित्सक और एक सर्जन का स्थानांतरण कर दिया गया। यदि मनोरोग चिकित्सक का स्थानांतरण होता तो जिले में मानसिक रोग का इलाज बंद हो जाता और रोगियों को मैदानी क्षेत्रों के चक्कर काटने पड़ते।
वहीं एक सर्जन के स्थानांतरण से अन्य सर्जन के लिए जिले भर के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करना मुश्किल होता। इस फैसले से आक्रोशित आम लोगों के साथ विभिन्न संगठनों ने दोनों चिकित्सकों के स्थानांतरण का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। भारी विरोध को देखते हुए शासन ने दोनों चिकित्सकों का स्थानांतरण रद्द कर सीमांत जिले के लोगों को राहत पहुंचाई है।
बेस में भी मिलेगा बच्चों और महिलाओं को इलाज
मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है। बेस में विशेषज्ञ न होने से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हालात यह है कि क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने से अस्पताल प्रबंधन को बरामदे में बिस्तर लगाने पड़ रहे हैं। बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के रूप में महिला और बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है जो बेस अस्पताल में सेवा देंगे। ऐसे में अब बेस में भी महिलाओं और बच्चों का इलाज होगा इससे जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव भी कम होगा।
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मनोरोग चिकित्सक और सर्जन का स्थानांतरण रद्द हुआ है इसका लाभ सीमांत के लोगों को मिलेगा। बेस अस्पताल में भी महिला और बाल रोग सहित अन्य विशेषज्ञों की नियुक्ति हुई है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।
-डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़