जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में रविवार रात को चिकित्सकों और स्टाफ के साथ हुई अभद्रता से चिकित्सकों में आक्रोश है। इस मामले में चिकित्सकों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। उन्होंने अराजकतत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अस्पताल में उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है। बाद में कार्रवाई होने पर अपराह्न डेढ़ बजे कार्य बहिष्कार स्थगित कर दिया गया।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े चिकित्सकों ने घटना के विरोध में सोमवार को अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष को भेजे ज्ञापन में कहा है कि रात में सवा नौ बजे आपातकालीन कक्ष में शराब के नशे में मुकेश भट्ट निवासी धारचूला और अन्य युवक ने चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। इससे राजकीय कार्य में बाधा पहुंची। इससे गंभीर मरीजों का उपचार नहीं हो पाया।
उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई करने और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में शाखा अध्यक्ष डॉ. एचएस खड़ायत, सचिव डॉ. आरके जोशी, डॉ. केसी भट्ट, डॉ. डीएस धर्मशक्तू, डॉ. एसएस कुंवर, डॉ. लाल सिंह बोहरा, डॉ. विजय जोशी, डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, डॉ. एनएस गुंज्याल, डॉ. नरेंद्र शर्मा एवं फार्मेसिस्ट, सफाई कर्मचारी आदि शामिल थे।
पहले भी हुई है अस्पताल में तोड़फोड़
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पूर्व में भी शराब के नशे में तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस खड़ायत ने बताया कि पहले भी सर्जिकल वार्ड का एल्युमिनियम का दरवाजा, आपरेशन थिएटर का शीशा, बाथरूम सिंक को अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। अस्पताल में रात को अक्सर हंगामा होते रहता है। अस्पताल में रात्रि में सुरक्षा के लिए एक गार्ड की तैनाती की गई है, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से उसके अवकाश पर रहने की सूचना है। अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर रात में नगर के साथ ही दूरदराज के लोग इमरजेंसी में पहुंचते हैं। यदि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।