जिला अस्पताल में रविवार रात आपातकालीन कक्ष में हुई तोड़फोड़ के बाद सोमवार को चिकित्सक और स्टाफ कार्य बहिष्कार पर रहे। इससे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में इन दिनों ओपीडी 800 तक पहुंच रही है। सुबह से ही पर्ची कटाने को मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई, लेकिन जब उन्हें पता चला कि अस्पताल में कार्य बहिष्कार है तो वह परेशान हो गए।
डीडीहाट की दीपा देवी ने बताया कि पिछले माह उसका अल्सर का आपरेशन हुआ था। सोमवार को दिखाने को कहा था लेकिन आज कोई देखने वाला नहीं है। जौरासी की सुरमा देवी (75) ने बताया कि वह पेशाब में जलन के चलते परेशान हैं। चिकित्सक को दिखाने आई थीं। अस्पताल में कार्य बहिष्कार का पता चलने पर वह काफी मायूस हुईं। उन्होंने व्यथित होकर कहा कि इतनी दूर से आना बेकार हो गया।
रामेश्वर से आए भूपाल ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत के चलते वो अस्पताल पहुंचा है। सौ रुपया आने-जाने में खर्चा हो गया। बिषाड़ गांव से सरोज देवी अपनी बेटी रुचि को कान में दर्द के चलते अस्पताल लेकर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि रुचि को कान दर्द के चलते आज उन्होंने स्कूल नहीं भेजा। इसी गांव की भावना ने बताया कि वह गला दर्द और सर्दी-जुकाम से पीड़ित है। सिंगाली क्षेत्र के गणै निवासी हरुली देवी ने बताया कि एक माह पूर्व आंख को कोरा था। अस्पताल में दिखाने आई थीं लेकिन आज कोई देखने वाला नहीं है। इसी गांव की लक्ष्मी देवी ने बताया कि एक हफ्ते से नाक से खून आ रहा है। घर के कामकाज के चलते आज तक चिकित्सक को नहीं दिखा पाए। आज बेटे के साथ समय निकाल कर आई। उन्होंने कहा कि इतनी दूर से आना बेकार हो गया। हालांकि बाद में डेढ़ बजे चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार स्थगित होने से कई मरीजों ने अस्पताल में उपचार कराया।
अभद्रता से दवा प्रतिनिधियों में भी आक्रोश
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में रविवार ात हुई तोड़फोड़ और अभद्रता से दवा प्रतिनिधियों में भी आक्रोश है। उन्होंने अस्पताल परिसर में धरना दिया और प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष भुवन पांडेय ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होनी चाहिए। सचिव भगवान सिंह ने कहा कि अस्पताल में ऐसी घटनाओं को सहन नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में गंभीर भंडारी, सुनील धामी, मनोज भंडारी, नीरज कुमार, षष्टी पांडे, भरत कुमार, दीपिका चौहान, जीवन पंत, हरेंद्र जोशी, निर्मल भट्ट, दीपक कुमार, गोविंद भंडारी, महेश बसेड़ा, रविंद्र चंद, भूरा, विजय उपाध्याय आदि मौजूद रहे।