पिथौरागढ़। सीमांत और दुर्गम जिले में दान में मिले आईसीयू के लिए आठ साल बाद भी चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। सिर्फ नौ स्टाफ नर्स की तैनाती कर जिम्मेदारी निभा दी गई। अस्पताल प्रबंधन बमुश्किल चिकित्सकों की व्यवस्था कर आईसीयू का संचालन कर रहा है।
जिले के मरीजों को राहत देने के लिए हंस फाउंडेशन के सहयोग से वर्ष 2018 में जिला अस्पताल में ढाई करोड़ रुपये से आईसीयू स्थापित किया गया। आईसीयू में करोड़ों की मशीनें भी लगा दी गईं, लेकिन संचालन के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी। आईसीयू के संचालन के लिए बेहोशी के डॉक्टर, फिजिशियन सहित अन्य चिकित्सकों की जरूरत है। आठ सालों में आईसीयू के लिए इन स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के लिए गंभीरता नहीं दिखाई गई है। अस्पताल प्रबंधन बमुश्किल इन विशेषज्ञों की तैनाती कर आईसीयू का संचालन कर रहा है।
-
गंभीर मरीजों को ले जाना पड़ रहा है हायर सेंटर
पिथौरागढ़। सीमांत और दुर्गम जिले में आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। आए दिन दिल के मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। आईसीयू संचालन के लिए जरूरी और जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती न होने से कई बार मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना अस्पताल प्रबंधन की मजबूरी जाता है।
-
आईसीयू के संचालन के लिए स्टाफ नर्स की तैनाती हुई है। इसके संचालन के लिए अलग से विशेषज्ञों की तैनाती नहीं है। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी आईसीयू का संचालन कर रहे हैं। हर जरूरतमंद को आईसीयू का लाभ मिल रहा है।
डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़