सुवालेक से रसैपाटा जाने वाली सड़क पर डामरीकरण की मांग को लेकर क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस कच्ची रोड पर अभी रसोईगैस के वाहन और 108 आपात सेवा के वाहन नहीं चलते। कई बार इस रोड पर दुर्घटनाएं हो गई हैं। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के समय रोड पर जगह-जगह मलबा पटने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने आयुर्वेदिक अस्पताल रसैपाटा में डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की तैनाती की भी मांग की।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार के नेतृत्व में पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि सुवालेक से रसैपाटा तक सड़क का निर्माण 2008 में हो गया था, लेकिन आठ साल से इस सड़क पर डामर न होना गंभीर चिंता का विषय है। इस रोड से खनफर, कुसैल, बाटुला, भद्रिका, मोडी, भैंस्यूड़ी, तुलानी, दंतोली समेत अन्य गांवों की आठ हजार की आबादी आवागमन करती है।
कहा गया कि यदि समस्या का तत्काल समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डीएम एचसी सेमवाल ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को तत्काल सड़क पर डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रदर्शन में प्रधान मुन्नी देवी, मनु देवी, गंगा देवी, गोदावरी देवी, जिला पंचायत सदस्य सचिन सोराड़ी, हरीश तिवारी, लक्ष्मीदत्त शर्मा, चंदन सिंह, मनोहर प्रसाद, मनोज कुमार, पूरन सिंह आदि थे।