झूलाघाट में बांध के विरोध में कैंडल मार्च निकालते लोग
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महाकाली पर बनने वाले पंचेश्वर बांध के विरोध में झूलाघाट के लोगों ने ‘हमें डूबने मत देना महाकाली’ के नारों के साथ मंगलवार रात मोमबत्तियां जलाकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। यह भी तय किया कि 11 अगस्त को पिथौरागढ़ में होने वाली जनसुनवाई में किसी भी दशा में शामिल नहीं होंगे।
जैसे-जैसे पंचेश्वर बांध के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो रही है, लोगों की आशंकाएं और गुस्सा भी बढ़ने लगा है। लोग किसी भी दशा में अपनी माटी को छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। पिछले 200-300 सालों से महाकाली नदी के किनारे पुश्तैनी व्यापार कर रहे लोगों ने महाकाली की आवाज संगठन के बैनर तले मंगलवार शाम बाजार में कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च पुरानी बाजार से होते हुए एसबीआई के पास तक गया। एसबीआई के पास एकत्रित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर ‘हमें डूबने मत देना महाकाली’ जैसे मार्मिक नारे लिखे। इस दौरान लोग बेहद गमगीन हो गए। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में झूलाघाट को नहीं डूबने देंगे। चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़ जाए।
महाकाली की आवाज के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा कि सरकार जबरदस्ती 11 अगस्त को बिना डूब क्षेत्र के लोगों की राय लिए जनसुनवाई कराना चाह रही है। इसका डूब क्षेत्र के लोग विरोध करेंगे और जनसुनवाई में शामिल नहीं होंगे। कैंडल मार्च में अजय शर्मा, सुरेंद्र लुंठी, संजय कुमार, रोहित डिक्टिया, नीरज भट्ट, भोला दत्त जोशी, देवकी पंगरिया, प्रकाश पंगरिया, ईश्वर जोशी, अयूब, जगदीश ओली, जगदीश शर्मा आदि शामिल थे।