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108 में भरोसा नहीं, वाहन बुक कराकर पहुंचे अस्पताल

Fri, 19 Oct 2018 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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महिला चिकित्सालय में अल्मोड़ा निवासी ममता - फोटो : अमर उजाला
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लगभग 20 दिनों तक लड़खड़ाने के बाद 108 आपातकालीन सेवा भले ही अब पटरी पर आ गई हो, लेकिन लोगों को अब इस वाहन के मिलने का कम ही भरोसा है। इसी आशंका से लोग पहले ही वाहन बुक कराकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कम से कम प्रसव के मामलों में तो ऐसा ही हो रहा है।

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जिले में नौ 108 और नौ खुशियों की सवारियां हैं। जनपद के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में 108 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन पिछले लगभग एक माह से ईंधन की कमी के कारण यह सेवा लड़खड़ा गई। अधिकतर वाहनों में डीजल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

अब 13 वाहनों को ईंधन मिल चुका है, इसके बावजूद अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होने से आपात स्थिति में निजी वाहनों से ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे ही दो मामलों में परिजन गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचे।
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गायत्री के परिजन 1200 रुपये में वाहन बुक कराकर लाए
मूनाकोट विकासखंड के बिलाई गांव निवासी गायत्री को बृहस्पतिवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। ईंधन नहीं होने की जानकारी पर परिजन गायत्री को 108 को फोन करने के बजाय 1200 रुपये में वाहन बुक कराकर अस्पताल ले आए। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यहां आने के बाद 108 और खुशियों की सवारी का संचालन शुरू होने की बात पता चली है। घर जाने के लिए खुशियों की सवारी से संपर्क किया जाएगा।

ममता को भी परिजन निजी वाहन से लाए
पिथौरागढ़ महिला जिला अस्पताल में प्रसव के लिए जनपद ही नहीं बल्कि चंपावत और अल्मोड़ा जनपदों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी गर्भवती महिलाएं पहुंचती हैं। अल्मोड़ा के ध्याड़ी गांव से ममता भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ यहां पहुंची। ममता को भी निजी वाहन से यहां लेकर आए। ममता के पति ने बताया कि धौलादेवी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। अल्मोड़ा से भी पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव की अच्छी सुविधा है।

पांच वाहनों के नहीं घूमे पहिये
पिथौरागढ़। ईंधन मिलने के बाद 18 वाहनों में से जिले में 13 वाहनों का संचालन तो शुरू हो गया है, लेकिन पांच वाहनों में तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार को भी पहिये नहीं घूमे। इसके चलते गंगोलीहाट, डीडीहाट के अतिरिक्त एक खुशियों की सवारी पिथौरागढ़ में खड़ी है। जिला कोआर्डिनेटर प्रमोद भट्ट का कहना है कि जल्दी इन वाहनों की मरम्मत कर सेवा सुचारु कर दी जाएगी।

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