कनालीछीना की क्षेत्र पंचायत की बैठक में डीएम, सीडीओ और अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के न आने से भड़के सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर बैठक में मौजूद अधिकारियों को एक घंटे तक सभागार में ही बंधक बनाए रखा। सदन के बाहर धरना देने के साथ ही प्रदर्शन किया। सदस्य बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) का बजट विकासखंड कार्यालय को न देकर जिला पंचायत को देने से भी गुस्से में थे।
सुबह 11 बजे जैसे ही खंड विकास अधिकारी बीके आर्या ने सदन की कार्यवाही शुरू की तो बाराकोट के क्षेत्र पंचायत सदस्य महिमन कन्याल ने बीडीओ को टोकते हुए कहा कि पिछली बैठक में जिलाधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष भी मौजूद थे, उस बैठक में पारित प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बैठक में डीएम, सीडीओ, बिजली विभाग के अधिकारियों समेत तमाम जिला स्तरीय अधकारी मौजूद नहीं हैं। बैठक करके क्या लाभ मिलेगा। कहा कि एक साल पहले झालीखेत स्थान पर पुलिया का निर्माण हुआ है। इस बार बीएडीपी से फिरपुलिया का टेंडर लगाया गया है। बीएडीपी के धन का खुला दुप्रयोग किया जा रहा है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मदन मोहन भट्ट समेत तमाम सदस्यों ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को सदन का अपमान बताया और सदन से उठकर बाहर निकल आए। सदन के बाहर धरना दिया। सदस्यों ने वहीं पर बैठक कर कहा कि बीएडीपी का 50 लाख का बजट जिला पंचायत को दे दिया गया है। मनरेगा में दो करोड़ के काम हुए हैं, तीन माह से भुगतान नहीं हुआ है। दो करोड़ की मांग के विपरीत केवल तीन लाख रुपए का बजट विकासखंड को दिया गया है। मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
सदस्यों ने अधिकारियों की अनदेखी समेत तमाम इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिला पंचायत सदस्य जमुना देवी, जगदीश कुमार, होशियार सिंह बिष्ट, जनक सिंह, राजेश पंत, नवीन पुनेठा, प्रधान संगठन अध्यक्ष जानकी उपाध्याय, केदार सामंत, मनोज सिरोला, भूपेंद्र पोखरिया, पुष्पा भंडारी, प्रेम राम, सावित्री कापड़ी, लक्ष्मी पांडेय, मंजू देवी, गोदावरी देवी, शंकर राम, नरेंद्र सिंह, तारा सिंह, गोविंद भंडारी, नरेंद्र सिंह सदस्यों का कहना था कि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो सामूहिक रूप से धरना दिया जाएगा।