लोहाघाट (चंपावत)। जल जीवन मिशन के तहत बाराकोट की ग्राम सभा बैड़ाओड़ ढटीगांव में स्वीकृत ढटीगांव पंपिंग पेयजल योजना तीन साल बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। करीब 166.21 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना का काम अधूरा होने से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस महत्वाकांक्षी योजना से बैड़ाओड़, डुंगरा ओड़ समेत आसपास के करीब 150 परिवारों को लाभ मिलना था।
ग्रामीणों के अनुसार, कार्यदायी संस्था पेयजल निगम द्वारा कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने और घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने के साथ ही देवलकांडा के मल्ली चौंरा में मुख्य टैंक का निर्माण भी कर दिया गया है। इसके बावजूद योजना का संचालन न होने से घरों में लगे नल सूखे पड़े हैं जिससे जल जीवन मिशन की मंशा पर पानी फेरता नजर आ रहा है। गर्मियों के दिनों में पेयजल संकट गहराने पर ग्रामीणों को आज भी दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ती है। सरकारी धन के व्यय के बाद भी राहत न मिलने से ग्रामीणों में मायूसी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीण जगदीश चंद्र तिवारी, भगवान राम, कुंवर राम, मदन लाल, जोगेंदर प्रसाद, महेश राम, गुमानी राम और प्रकाश राम आदि ने जिला प्रशासन से पंपिंग योजना के अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
बैड़ाओड़-ढटीगांव पंपिंग योजना का कार्य 85 फीसदी पूरा हो चुका है। पंपिंग स्टेशन और स्रोत के पास है टैंक बनाना शेष है। बरसात का सीजन पूरा हो गया है। शीघ्र कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-जितेंद्र कर्नाटक, कनिष्ठ अभियंता, जल निगम