पिथौरागढ़। जिले के दूरस्थ विकासखंडों में स्वास्थ्य व्यवस्था की लचर तस्वीर सामने आई है। धारचूला, डीडीहाट, गंगोलीहाट और मुनस्यारी सीएचसी में लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में जंक खा रही हैं।
सरकार ने स्थानीय स्तर पर मरीजों और विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सुविधा देने के लिए इन चारों सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध कराई थीं। मशीनें तो आ गईं लेकिन इन्हें चलाने के लिए आज तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई। मशीनों को खराब होने से बचाने के लिए पूर्व में एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई थी। इस व्यवस्था के तहत महीने में एक बार जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट को इन सीएचसी में भेजकर अल्ट्रासाउंड कराया जाता था लेकिन यह व्यवस्था भी कुछ दिनों में ही दम तोड़ गई। स्थानीय स्तर पर अल्ट्रासाउंड न होने ने इन सीएचसी से जुड़े मरीजों और गर्भवतियों को जांच के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटना मजबूरी बना है।
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इस्तीफे के बाद थम गई जांचें, लौटी पुरानी मुश्किल
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद जिले के मरीजों ने राहत की सांस ली थी। गर्भवती महिलाओं को समय पर अल्ट्रासाउंड मिल रहा था। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। करीब एक साल पहले महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट ने निजी कारणों से त्यागपत्र दे दिया। उनके जाने के बाद से पूरा सिस्टम एक बार फिर से पुरानी मुश्किलों का सामना कर रहा है। संवाद
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एक रेडियोलॉजिस्ट, छह अस्पतालों का बोझ
पूरे जिले में इस समय केवल एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट तैनात है। एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट पर जिला और महिला अस्पताल के साथ चार सीएचसी धारचूला, डीडीहाट, गंगोलीहाट, मुनस्यारी का भी बोझ है। ऐसे में उसके लिए 50 से 120 किलोमीटर दूर स्थित इन सीएचसी में जाकर अल्ट्रासाउंड करना बड़ी चुनौती बन गया है। अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने का सबसे ज्यादा खामियाजा गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जांच के लिए उन्हें मजबूरन 50 से 120 किलोमीटर का सफर तय कर जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है जिसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। संवाद
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बीते दिनों जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के आदेश हुए थे। उन्होंने तैनाती नहीं ली। रेडियोलॉजिस्ट की मांग शासन से की गई है। तैनाती होने पर व्यवस्था पटरी पर आएगी।
-डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़