मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। प्रदेश सरकार की ओर से तीन करोड़ 64 लाख की लागत से मुनस्यारी में बनने वाले ट्रांजिट हॉस्टल को लोहाघाट शिफ्ट किए जाने से चीन सीमा क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर इस शिफ्टिंग के आदेश को रद्द नहीं किया गया तो भाजपा के किसी भी मंत्री, मुख्यमंत्री एवं विधायक को सीमांत में घुसने नहीं दिया जाएगा। साथ ही सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कैंपस में चिकित्सा कर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण के लिए तीन करोड़ 64 लख रुपए स्वीकृत किए थे। हॉस्टल का निर्माण कर रही संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग डीडीहाट को धनराशि उपलब्ध भी करा दी गई है। हॉस्टल के निर्माण के लिए इस बीच भूमि चयन का कार्य चल रहा था कि कि सरकार ने मुनस्यारी के लिए स्वीकृत हॉस्टल को लोहाघाट शिफ्ट कर दिया है। इसकी सूचना से सीमांत के जन प्रतिनिधियों में आक्रोश व्याप्त है। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि सरकार ने आवश्यकता होने पर मुनस्यारी में ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की थी। कार्यदायी संस्था के खाते में स्वीकृत बजट तक आ गया था। उसके बाद अचानक बिना किसी कारण के स्वीकृत हॉस्टल का निर्माण स्थल बदलते हुए मुनस्यारी की जगह लोहाघाट किया जाना सीमांत क्षेत्र की जनता के साथ घोर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव, क्षेत्रीय सांसद, विधायक, जिलाधिकारी के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि अगर यह धनराशि लोहाघाट चली गई तो भाजपा के किसी भी नेता को सीमांत क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा। संवाद