पिथौरागढ़। जिला अस्पताल प्रबंधन ने आपदा वार्ड में ताला जड़कर सामान्य मरीजों की एंट्री पर रोक लगा दी है। अस्पताल में पहले से ही 120 बेड की क्षमता के सापेक्ष 150 मरीज भर्ती हैं जिससे जगह कम पड़ने पर बरामदे तक में बिस्तर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में अब तक आपदा वार्ड का उपयोग सामान्य मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि आपदाकाल अपने अंतिम चरण में है और अब तक जिले में ऐसी कोई बड़ी आपदा सामने नहीं आई है फिर भी प्रबंधन ने वार्ड को खाली रखने का कड़ा निर्णय लिया है। मरीजों की भारी भीड़ और बरामदों में इलाज कराने की मजबूरी के बीच इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया है। चर्चा है कि यह कदम नेपाल की चमेलिया नदी में पानी जमा होने से भारतीय क्षेत्र में मंडरा रहे खतरे की आशंका के चलते उठाया गया है। कारण जो भी हो इस निर्णय से मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
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आपदा वार्ड में सामान्य भर्ती बंद
यह राहत की बात है कि सीमांत जिला आपदा की गंभीर घटनाओं से अब तक सुरक्षित है। ऐसे में आपदाकाल की शुरुआत से ही आपदा की गंभीर घटनाएं सामने न आने से आपदा वार्ड में सामान्य मरीज भर्ती कर उन्हें राहत पहुंचाई जा रही थी। अब नेपाल में आई आपदा को कारण बताकर आपदा वार्ड को बंद कर दिया गया है जबकि इस घटना को कई दिन बीत गए हैं और इस आपदा में प्रभावित जिले में कोई भी सामने नहीं आया है।
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आपदा वार्ड को खाली कर दिया गया है। इसमें आपदा प्रभावितों को भर्ती किया जाएगा। जिला अस्पताल में अधिकतर बेड को खाली रखने का प्रयास किया जा रहा है।
-डाॅ. डीपी सिंह, पीएमएस, पिथौरागढ़