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Pithoragarh News: सीमांत जिले में फिर से बरसने लगी आफत की बारिश

Mon, 02 Sep 2024 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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नाचनी के हरड़िया में मलबे से पटी थल-मुनस्यारी सड़क। संवाद
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पिथौरागढ़/नाचनी। सीमांत जिले में एक बार फिर से आसमान से आफत बरस रही है। जिले के कई क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से सीमा की तीन और ग्रामीण क्षेत्र की 26 सड़कें बंद हो गईं। हिमनगरी को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया में 18 घंटे बंद रहकर सोमवार दोपहर एक बजे यातायात के लिए खुली।
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जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में रात और सुबह तेज बारिश हुई। बाद में बारिश तो थम गई लेकिन आसमान बादलों से पटा रहा। इससे लोगों को गर्मी से भी निजात मिली। उधर नाचनी क्षेत्र में रविवार शाम चार बजे से सोमवार सुबह नौ बजे तक हुई भारी बारिश से कई सड़कें बंद हो गईं।
रामगंगा, जाकुला और भुजगड़ नदियों के अलावा गधेरे भी उफान पर बह रहे हैं। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया में पहाड़ी दरकने से 18 घंटे तक बंद रही।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विनय रावत ने बताया कि भारी बारिश से हरड़िया के रामगंगा पर बने झील का मुहाना तीस मीटर खुलने से नदी का प्रवाह तेज हो गया है। गौला गांव के प्रधान मोहन सिंह मेहता ने बताया कि रविवार रात रूप राम के मकान की पिछली पहाड़ी से भूस्खलन होने से मलबा घर की पिछली दीवार तोड़कर अंदर घुस गया।
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पत्थर गिरने की आहट से रूप राम का परिवार पहले ही सुरक्षित जगह चला गया। घर में रखा राशन, बिस्तर आदि सामान मलबे में दब गया है। इसकी सूचना आपदा केंद्र तेजम में दर्ज कर दी है।
लोनिवि डीडीहाट के अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि नाचनी-बांसबगड़ सड़क को 12 बजे यातायात के खोल दिया है। चार दिन से नाचनी-भैंसकोट मोटर मार्ग पर पीएमजीएसवाई धारचूला ने पोकलेन मशीन लगाकर तीन किमी सड़क बनाई थी जो भारी बारिश की भेंट चढ़ गई है।
तेजम-होकरा सड़क भी ककड़सिंह बैंड, कफूवाधार के अलावा कई जगहों पर बंद है। बांसबगड़ से जाने वाली गुटी, धामीगांव, दाखिम, कोटा पंद्रहपाला लोद, रायां बजेता सभी सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद सड़कों को शीघ्र खोलने की गुहार लगाई है।

उफान पर रामगंगा, अलर्ट पर रहने के निर्देश
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि रामगंगा (थल) का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। रामगंगा सोमवार सुबह प्रातः आठ बजे चेतावनी के निशान से 0.98 मीटर ऊपर बह रही थी। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के नामित सभी अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने क्षेत्रों में बने रहेंगे। चौकी, थाने भी आपदा संबंधी उपकरण, वायरलैस सहित हाई अलर्ट में रहेंगे। असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों को अवागमन की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद

छह घंटे बाद खुला आदि कैलाश मार्ग
धारचूला। रविवार देर रात हुई भारी बारिश से टनकपुर-तवाघाट एनएच घटखोला, कुलागाड़ और रौंगती नाले के पास बोल्डर, मलबा आने से छह घंटे तक बंद रहा। इससे सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंस गए। बीआरओ ने छह घंटे के बाद धारचूला-तवाघाट, तवाघाट-सोबला सड़क जेसीबी से खोली। सड़क खुलने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। संवाद
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कहां कितनी बारिश
तेजम 94 मिमी
मुनस्यारी 79.4 मिमी
डीडीहाट 65.4 मिमी
बंगापानी 65 मिमी
धारचूला 55.4 मिमी
बेड़ीनाग 46 मिमी
देवलथल 44 मिमी
कनालीछीना 23 मिमी
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