मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। जिले के दूरस्थ क्षेत्र नयाबस्ती बूंगा के आपदा पीड़ित दुर्गा राम के परिवार की सुधि आखिरकार एक महीने बाद प्रशासन ने ले ली है। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में बिस्किट थमाकर एक महीने बाद आपदा के जख्मों पर मरहम शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने शनिवार को प्रभावित परिवार की चौखट पर दस्तक देकर राहत सामग्री पहुंचाई और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
20 जुलाई को आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने और दो बच्चों के साथ उसी मलबे के बीच गुजर-बसर करने के लिए मजबूर था। एक महीने बाद प्रशासन की टीम जब राहत लेकर पहुंची तो शुरुआती तौर पर उन्हें केवल तीन किलो चावल और मामूली सामग्री दी गई थी जिसे लेकर सिस्टम की संवेदनहीनता पर सवाल उठे थे। पीड़ित दुर्गा राम ने इस सामग्री तहसील प्रशासन को वापस कर दी थी। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की टीम ने शनिवार को दोबारा मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को 20 किलो आटा, 20 किलो चावल, कंबल और तिरपाल सहित अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही मौके पर ही मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आपदा प्रभावितों की मदद में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
खबर का संज्ञान लेकर डीएम आशीष कुमार भटगाईं ने आपदा प्रभावित की इस अनदेखी पर नाराजगी जताई। उन्होंने टीम को तुरंत प्रभावित के घर जाकर पर्याप्त राहत सामग्री देने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी को आपदा की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर प्रभावितों के लिए उचित इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
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बूंगा गांव टीम भेजकर प्रभावित परिवार को पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आपदा प्रभावितों की मदद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
-आशीष कुमार भटगाईं, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़