पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में लगातार हो रही बारिश की मार आपदा प्रभावितों को जख्म दे रही है। बारिश के बाद दो बॉर्डर रोड और 24 ग्रामीण सड़कें बंद होने से लोगों के लिए जरूरी सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। लगातार पहाड़ी से गिरता मलबा लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। प्रभावित क्षेत्र मुनस्यारी, बंगापानी, धारचूला में लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है।
जिला मुख्यालय में बारिश के बाद पपदेव गांव को जाने वाली सड़क पर भूस्खलन से खतरा बढ़ता जा रहा है। जनार्दन पंत के घर के पास सड़क के नीचे की मिट्टी धंस रही है। जिससे उनके मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय अभिषेक मिश्रा ने बताया कि सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया तो गांव का संपर्क कट जाएगा। लोगों को तीन किमी से अधिक की यात्रा कर बाजार आना पड़ेगा। जिला मुख्यालय के आईटीबीपी मुख्यालय के समीप पहाड़ी से मलबा सड़क में गिर गया। जिस कारण वाहन सवारों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार को बीआरओ के कर्मियों ने सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया। सेरा में देर रात देव राम को मकान की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। सूचना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। सामाजिक कार्यकर्ता मंटू मेहता ने प्रशासन से पीड़ित को मदद देने की मांग की है। बारिश से गुरना-एंचोली सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने बताया कि पहली बारिश में ही सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क कई जगह मलबे से पट गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। वहीं उमरगड़ा में उमरगडा में बारिश से सुनपति देवी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया।