परिणय पौधे का रोपण करते चंद्रकला और दिनेश
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सात फेरों के बाद नव दंपति ने परिणय पौध का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। परिजनों ने बेटी को विदा किया और पौधे को पालने की जिम्मेदारी ली। बमनगांव क्वीटी के त्रिलोचन द्विवेदी की बेटी चंद्रकला का विवाह बड़ावे ककड़गांव निवासी चूड़ामणि जोशी के बेटे दिनेश के साथ हुआ। सात फेरे होने के बाद राजकीय हाईस्कूल नैनीसैनी के प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने नवदंपति को परिणय पौध रोपने के लिए प्रेरित किया।
श्री पाठक अब तक दो दर्जन से अधिक परिणय पौधों का रोपण करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिता के घर से विदा होने वाली हर बेटी की यही तमन्ना रहती है कि उसके मायके वालों का परिवार सुखी रहे। वहां पानी, अन्न की कमी न हो। इस भावना को मूर्त रूप तभी दिया जा सकता है जब पौधों का रोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि शुभ अवसर पर पौधों का रोपण करने की परंपरा बनाए रखनी चाहिए। इससे स्मृतियों को लंबे समय तक संजोया जा सकता है। इस दौरान एडवोकेट टीआर जोशी, एलडी जोशी, किशोर पाठक, शैलजा, अपेक्षा, पंकज जोशी, एकित, हर्षवर्धन, ललित जोशी समेत वर और वधू पक्ष के कई लोग मौजूद थे।