अफसरों की बैठक लेते वन्य जीव संस्थान के एडीजी बीएस बोनाल
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धारचूला, मुनस्यारी तहसील की वन पंचायतों को सामुदायिक वन आरक्षित क्षेत्र बनाकर वनों का विकास और वन्यजीवों को संरक्षित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्ययोजना बनाई गई है। कहा गया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले कुछ पंचायतों/वन पंचायतों के साथ सामुदायिक वन आरक्षित क्षेत्र बनाकर वनों के विकास के कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
भारत सरकार के वन्यजीव संस्थान के एडीजी बीएस बोनाल ने विकास भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के कार्यक्रम संचालित होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत विकास के कई कार्य किए जा सकते हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी। समिति में वन विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। समिति में ग्राम पंचायत से ही एक व्यक्ति नामित होगा। समिति स्थानीय आवश्यकतानुसार प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजेगी। सरकार मांग के अनुरूप धनराशि अवमुक्त करेगी।
उन्होंने कहा इस योजना से ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। लोगों को होम स्टे योजना का लाभ मिलेगा, पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, वन्यजीवों की तस्करी पर भी रोकथाम लगेगी। जिलाधिकारी डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियों, विभागों, आम जनता और समुदाय को अपनी भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वनों के संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही है। प्रभागीय वनाधिकारी डा. विनय भार्गव ने वन और वन्यजीवों के बारे में जानकारी दी। बैठक में एसएसबी, आईटीबीपी, वन निगम, पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद थे।