धारचूला(पिथौरागढ़)। 15 हजार फीट की ऊंचाई पर विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आदि कैलाश क्षेत्र में अल्ट्रा मैराथन 2.0 का शुभारंभ हुआ। 70 किलोमीटर मैराथन में फिर से पिछली बार के विजेता रहे चमोली के दिगंबर रावत और पौड़ी गढ़वाल की मनीषा नेगी ने मैदान मारा। इस ऐतिहासिक मैराथन में देश के 26 राज्यों के 1,100 धावक हिस्सा लेने आदि कैलाश पहुंचे हैं।
चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित व्यास घाटी के आदि कैलाश क्षेत्र में ऐतिहासिक अल्ट्रा मैराथन का शुभारंभ शनिवार सुबह पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल और सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने हरी झंडी दिखाकर किया। सुबह साढ़े छह बजे के करीब ज्योलिंगकांग से 70 किलोमीटर की मैराथन शुरू हुई इसमें 109 धावकों ने भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए दौड़ लगाई। पुरुष वर्ग में चमोली के दिगंबर रावत को पहला स्थान मिला। अल्मोड़ा के दिनेश सिंह दूसरे और यूपी के जितेंद्र कुमार तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में पौड़ी गढ़वाल की मनीषा नेगी को पहला और डोलमा की मनाली तेनजिंग को दूसरा स्थान मिला। बता दें कि पिछले वर्ष हुई अल्ट्रा मैराथन में भी दिगंबर रावत और मनीषा नेगी विजेता रहे थे। फिर से दोनों ने अपना जलवा बरकरार रखा है।
पुरुष वर्ग की 42 किलोमीटर मैराथन में अल्मोड़ा के दिनेश चंद्र को पहला, बागेश्वर के प्रमोद जोशी को दूसरा और जम्मू कश्मीर के राजेश कुमार को तीसरा स्थान मिला। महिला वर्ग में चमोली की दिया रावत पहले स्थान पर रहीं। माइनस पांच से सात डिग्री तापमान, कम ऑक्सीजन और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच धावकों में मैराथन के लिए खासा उत्साह नजर आया।
हिमालयी क्षेत्र में गूंजा नशा मुक्ति का नारा
धारचूला। गूंजी से शुरू हुई 42 किलोमीटर मैराथन को दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल और एसडीएम आशीष जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान धावकों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। धावकों ने आदि कैलाश क्षेत्र की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि व्यास घाटी और आदि कैलाश क्षेत्र बेहद खूबसूरत है। यह क्षेत्र सीमांत क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक पर्यटन का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में आयोजित यह मैराथन स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ क्षेत्र की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संवाद
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया धावकों का हौसला
धारचूला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑनलाइन माध्यम से मैराथन के धावकों को संबोधित कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित इस तरह के आयोजनों से उत्तराखंड की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन में 22 राज्यों के 750 धावकों ने प्रतिभाग किया था। दूसरी बार 26 राज्यों के 1,100 धावक इसमें शामिल हुए हैं। साफ है कि प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या आदि कैलाश क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता और संभावनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद आदि कैलाश के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा है। उत्तराखंड राज्य में पर्यटन को बढ़ाकर लोगों की आजीविका को समृद्ध करना सरकार का उद्देश्य है।