धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला में हो रही गंदे पानी की सप्लाई और बिजली किल्लत के खिलाफ लोगों ने एसडीएम कार्यालयमें प्रदर्शन किया। एसडीएम को नलों में आ रहे गंदे पानी का सैंपल दिखाया। ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोगों ने जल संस्थान और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
लोगों ने कहा कि नगर में पिछले तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा था। रविवार से पानी की सप्लाई शुरू हुई लेकिन मिट्टी, मलबा मिश्रित पानी नलों में आ रहा है। जल संस्थान ने पानी की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। कहा कि दूषित पानी की सप्लाई से बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।
कहा कि सड़क निर्माण से निकला मलबा पानी के स्रोतों में डाला डा रहा है। प्रशासन और जल संस्थान कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोग गधेरे, नदी से पानी पीने को मजबूर हैं। इन लोगों ने हल्की बारिश होने पर धारचूला की बिजली गुल होने पर रोष जताया। इन लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भी विभाग नियमित बिजली नहीं दे पा रहा है।
उपजिलाधिकारी ने जल संस्थान तथा पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कहा कि यदि इसी प्रकार की लापरवाही बरती जाती रही तो मजबूर होकर दोनों महकमों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एसडीएम ने एक समन्वय समिति का गठन करने का निर्देश दिया।
एसडीएम ने पेयजल स्रोत से मलबा हटाने के निर्देश दिए। जल संस्थान के सहायक अभियंता आरएस गर्ब्याल ने कहा कि आजकल श्रोतों में पानी की कोई समस्या नही है लेकिन सड़क निर्माण का मलबा स्रोतों में डाला जा रहा है। उत्तराखंड जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत ने कहा कि दोनों विभाग आपस में सलाह कर कार्य करें।
कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष डुंगर दानू ने कहा कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री के धारचूला दौरे पर कांग्रेसजन धरना देंगे। प्रदर्शन करने वालों में एसएसबी के पूर्व महानिरीक्षक हेम चंद्र खर्कवाल, नवीन खर्कवाल, भीम सिंह रावत, नारायण लाल वर्मा, अशोक गुंज्याल, लाखन खैर, राजश कुटियाल, दीपक बिष्ट,गणेश धामी, खाीम सिंह, सहित कई लोग उपस्थित थे।