धारचूला (पिथौरागढ़)। जौलजीबी में महाकाली पर बने झूलापुल की एक तरफ की दीवार टूटने के बाद से पुल में आवागमन बंद हो गया है। नेपाल के इंजीनियरों की टीम ने पुल की स्थिति का निरीक्षण तो कर लिया है, लेकिन अभी वह मरम्मत के लिए तैयार नहीं हैं। नेपाल के इंजीनियरों ने जिस स्थान पर दीवार टूटी है उसे प्लास्टिक और कपड़े से ढंक दिया है। नेपाल से जौलजीबी के लिए आवागमन पिछले तीन दिन से बंद है। नेपाल के लोगों का खरीददारी के लिए जौलजीबी आना बंद हो गया है। नेपाल के करीब 20 बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं।
जिलाधिकारी एचसी सेमवाल और एसडीएम एसके पांडे ने झूलापुल की अहमियत को देखते हुए उस पर तत्काल यातायात बहाल करने और टूटी दीवार की मरम्मत करने के लिए कहा था। नेपाल लोनिवि के इंजीनियर एसके साहा का कहना है कि दीवार की मरम्मत के लिए ठेकेदार को बुलाया गया है। ठेकेदार ने मौका मुआयना तो किया लेकिन सामग्री के अभाव में वह फिलहाल काम शुरू करने की तैयारी में नहीं है। झूलापुल का निर्माण नेपाल ने किया था और मरम्मत भी उसी को करनी है। ऐसी स्थिति में यह संभावना लग रही है कि झूलापुल की मरम्मत जल्दी नहीं हो पाएगी।
धारचूला। अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से परेशान जौलजीबी के व्यापारियों ने 26 मई को टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौलजीबी में चक्काजाम का एलान कर दिया है। जौलजीबी व्यापार संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू, संरक्षक अमर सिंह पाल और समाजसेवी लीला बंग्याल ने कहा कि यदि 25 मई तक पुल से आवागमन नहीं हुआ तो 26 मई को चक्काजाम कर देंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। व्यापारियों का कहना है कि पुल बंद होने से व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।