जिला अस्पताल में भर्ती वैशाली धामी
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प्रसव वेदना से तड़पती धारचूला के स्यांकुरी गांव की वैशाली धामी ने महिला अस्पताल आते वक्त ओगला में मैक्स जीप में ही मृत बच्ची को जन्म दे दिया। जीप में सास कलावती देवी ने सुरक्षित प्रसव कराने की हर संभव कोशिश की, लेकिन मृत बच्ची पैदा होने से उन्हें काफी सदमा लगा। जैसे-तैसे वैशाली को अस्पताल पहुंचाया गया। अब वैशाली की हालत ठीक है।
धारचूला से करीब छह किमी दूर स्यांकुरी निवासी वैशाली (20) पत्नी बिंदु सिंह धामी को शुक्रवार से ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन रात में उन्हें लेकर धारचूला पहुंचे। उन्होंने आपातकालीन 108 सेवा को फोन किया। वहां से एंबुलेंस खराब होने का जवाब मिला। इसके बाद परिजनों ने करीब तीन हजार रुपये में मैक्स जीप बुक की। शनिवार तड़के तीन बजे वैशाली को धारचूला से महिला अस्पताल लाया जाने लगा। प्रसव वेदना से तड़पती वैशाली ने ओगला में करीब पांच बजे जीप में ही मृत बच्ची को जन्म दे दिया।
तड़पती वैशाली को उसकी सास कलावती देवी ढांढस बंधाते रहीं। बाद में उसे महिला अस्पताल लाया गया। अभी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वैशाली ने बताया कि पति दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। पहला बच्चा होने से घर में सब खुश थे। उसने कहा कि क्या पता था कि दुर्भाग्य उनके साथ है। अगर वैशाली को 108 सेवा उपलब्ध हो जाती तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था।
धारचूला में तैनात 108 और खुशियों की सवारी संचालित हो रही है। शुक्रवार को फामॉसिस्ट अवकाश पर थे। उनके पास भी इस तरह की कोई कॉल नहीं आई। कॉल आने पर आपातकालीन में खुशियों की सवारी से भी ओगला तक मरीज को लाया जा सकता था। वहां से कनालीछीना की एंबुलेंस पिथौरागढ़ अस्पताल तक पहुंचाती।
-प्रमोद भट्ट, जिला कोआर्डिनेटर 108