कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित पैदल पड़ावों के लिए राशन, तेल समेत अन्य सामग्री धारचूला पहुंच गई है। इस सामग्री को मंगलवार से ठेकेदार के माध्यम से पड़ावों तक पहुंचाने का काम शुरू होगा। यात्रा मार्ग का सबसे दूरस्थ पड़ाव नाभीढांग है। वहां तक सामग्री पहुंचाने में कम से कम पांच दिन लग जाएंगे। इसके अलावा कर्मचारियों को दस जून से पहले यात्रा पड़ावों पर पहुंचना होगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के 100 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 12 जून को यात्रियों का पहला दल कुमाऊं में प्रवेश करेगा और 13 जून को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। 14 जून से यात्रियों की पैदल यात्रा शुरू होगी। यात्री 14 को धारचूला से नारायणआश्रम तक वाहनों से जाएंगे। वहां से गाला पड़ाव के लिए पैदल निकलेंगे। महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रा रूट में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यात्री जाते समय अल्मोड़ा से चौकोड़ी, डीडीहाट होते हुए धारचूला जाएंगे और वापसी में धारचूला से पिथौरागढ़ होते हुए जागेश्वर के रास्ते काठगोदाम को निकलेंगे। उन्होंने बताया कि हर पड़ाव पर यात्रियों को बेहतर सुविधा दी जाएगी और उनके भोजन तथा आवास के सही इंतजाम रहेंगे।
गुंजी में अस्थायी थाना खुलेगा
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के सबसे अहम पैदल पड़ाव गुंजी में अस्थायी थाना यात्रा शुरू होने से पहले काम करने लगेगा। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने थाने में तैनात होने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली है। इसके अलावा एसडीआरएफ के जवान भी यात्रा मार्ग पर तैनात होंगे। गुंजी से आगे की सुरक्षा व्यवस्था आईटीबीपी के पास रहेगी। सभी संबंधित विभाग यात्रा की तैयारी में जुट गए हैं।