तहसीलदार का घेराव करते खोतिला गांव के लोग
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रहे धारचूला-खोतिला मार्ग का खोतिला के ग्रामीणों ने विरोध करते हुए तहसीलदार का घेराव किया। लोगों का कहना है कि इस सड़क से गांव के लोगों को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। व्यांसनगर खोतिला निवासी हयात सिंह नबियाल ने कहा कि विगत दिनों जोर-शोर से धारचूला-खोतिला मार्ग का उद्घाटन किया गया था, लेकिन ग्रामीणों को इस मार्ग के बनने से कोई लाभ नहीं मिलने वाला है, क्योंकि व्यांसनगर खोतिला से धारचूला नगर की दूरी मात्र आधा किमी है, लेकिन सड़क को 6 किमी दूर तपोवन से बनाया जा रहा है जो कि ग्रामीणों को कतई स्वीकार नहीं है।
जिला पंचायत सदस्य मंजुला देवी और भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल के नेतृत्व में लोगों ने इस मुद्दे को तहसील प्रशासन के सामने रखा। कहा कि व्यांसनगर खोतिला में व्यांस और चौदांस घाटी के जनजातीय समुदाय के 400 परिवार रहते हैं तथा गरीब परिवारों की रोजमर्रा की समस्याओं को देखते हुए इस मार्ग को व्यक्तिगत तौर पर देहरादून जाकर स्वीकृत कर लाए थे, ताकि नदी के मुहाने पर बसे इस कस्बे में किसी भी अनहोनी की दशा में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके, लेकिन मार्ग निर्माण में अपने चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए 6 किमी दूर तपोवन से व्यांसनगर खोतिला की ओर काटा जा रहा है, जो तर्क संगत नहीं है।
मात्र आधा किमी की दूरी जिसे तय करने में पैदल भी मात्र 15 मिनट लगता है, उसे 1 घंटे में गाड़ी से जाकर तय करना किसी को मंजूर नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार जन समस्याओं का अनसुना किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कृष्ण नपलच्याल, जगदीश रायपा, मुन्ना रौंकली, ओम बुदियाल, जानकी देवी, शर्मिला देवी, मुन्नी देवी आदि थे।