राज्य आपदा कार्रवाई बल (एसडीआरएफ) की 14 सदस्यीय टीम इन दिनों मुनस्यारी के गांवों में लोगों को आपदा से बचाव की जानकारी दे रही है। भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील इस ब्लाक के अधिकांश गांवों तक जाने का यह टीम प्रयास करेगी। लोगों को आपदा के समय बचाव के उपाय, खतरे से घिरे लोगों को बचाने, भूकंप आने पर राहत और बचाव का काम कैसे शुरू किया जाए, इन विषयों के बारे में बताया जा रहा है।
बुधवार को टीम के सदस्यों ने धापा और जिमिघाट में कैंप लगाकर लोगों को तमाम जानकारियां दी। बताया गया कि आपदा के समय किसी प्रकार की हड़बड़ी न की जाए। खुद का बचाव करते हुए फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जाए। टीम के प्रभारी आरएस रावत ने बताया कि कल चेटी, चिमला और सेबिला गांव जाकर लोगों को आपदा से बचाव की जानकारी दी जाएगी। आपदा के समय लोग घबराहट में आ जाते हैं। ऐसी हड़बड़ी में राहत और बचाव के काम भी प्रभावित होते हैं। लोगों को पहले तो यह प्रयास करना चाहिए कि मकान सुरक्षित स्थान पर बनाया जाए। यदि किसी प्रकार की आपदा आती है तो उस समय बचाव के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। टीम के सदस्य अपने साथ कई उपकरण भी लेकर आए हैं। इनके उपयोग की जानकारी लोगों को दी जा रही है।