ऐंचोली में कलश यात्रा के साथ महाकाली की मूर्ति ले जाते ग्रामीण
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नवरात्र के अवसर पर नगर के शिवालय, कालसिन, उल्का, चंडिका, ध्वज मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही। भक्त मां शैलपुत्री का आशीर्वाद पाने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे। मंदिरों के पुजारियों ने विधि विधान के साथ पूजा-अर्जना की। घरों में कलश स्थापना कर देवी सप्तशती के पाठ शुरू हो गए हैं। नगर के विभिन्न जगहों पर भक्तों ने भंडारे का आयोजन किया।
ग्राम ऐंचोली में नवनिर्मित भगवती मंदिर में नवरात्र पर ढोल-नगाड़ों के साथ ग्रामवासियों ने कलश यात्रा निकालकर राजस्थान से लाई गई मां भगवती और मां कालिका की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। ऐंचोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश चंद्र पांडेय ने बताया कि विजयदशमी के दिन मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं अस्कोट में खोलियागांव और देवल के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। नवरात्र की नौ रातों और दस दिनों के दौरान देवी के नौ रूपों की पूजा की जाएगी और दसवें दिन विशाल भंडारे का आयोजन होगा। गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर और पांखू के कोटगाड़ी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन भारी संख्या में भक्त पहुंचे थे।