फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवलसमेत बाबा के दर्शन को हुजूम उमड़ा

Sat, 31 Mar 2018 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में देवल समेत बाबा का आशीर्वाद लेते लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सोर (पिथौरागढ़) के आराध्य देव भगवान देवलसमेत बाबा शनिवार को बहनों को भिटौला देने के लिए 11 गांवों में पहुंचे। शाम को घंटाकरण में लुठ्यूड़ा के भगवती के डोले के साथ मिलन हुआ। देवलसमेत बाबा के दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

विज्ञापन


शनिवार को सेरादेवल महादेव मंदिर से चैंसर, मल्ली जाखनी जाखनी, कुमौड़ समेत 11 गांवों में बाबा का डोला पहुंचा। घंटाकरण में लुंठ्यूड़ा के भगवती के डोले से मिलन हुआ। डोला फिर वापस तपस्यूड़ मंदिर पहुंचा। मान्यता के अनुसार सोरघाटी के 22 गांवों में उनकी 22 बहनें हैं। शुक्रवार को देवलसमेत बाबा ने 11 बहनों को भिटौला दिया। 11 बहनों के पास वह शनिवार को पहुंचे।

डोला निकलने के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। देवडांगर किशन सिंह, विजेंद्र महर ने लोगों को आशीर्वाद दिया। आयोजन में पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव दिनेश तिवारी दीनू, चंद्रशेखर भट्ट, कैप्टन उमेश सिंह, डॉ. कुंदन सिंह, किशन सिंह, गजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह महर, जगत भट्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


मजिरकांडा, जाखपंत में धूमधाम से मना चैतोल
झूलाघाट। मजिरकांडा, जाखपंत, लेलू और सुवाकोट में चैतोल का पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। शनिवार को छात को मंदिर में घुमाया गया। देव डंगरिए मनमहेश मंदिर में अवतरित हुए। देवडांगर मुरलीधर भट्ट, लक्ष्मी दत्त भट्ट और वामन देवता भुवन भट्ट ने लोगों को आशीष दिया। मनमहेश (शिवजी) की सवारी निकली। अंत में छात को मंदिर के गर्भ ग्रह में एक वर्ष के लिए विसर्जित कर दिया गया। मंदिर के पधान हरिदत्त भट्ट ने बताया कि चैतोल की पूजा चेत्र मास के चतुर्दशी, पंचमी से शुरू हो जाती है और चतुर्दशी, पूर्णिमा तक पूजा होती है। जाखपंत में गांव के लोग चौरठियां खाल में एकत्रित हुए। यहां से ढोल नगाड़ों के साथ देव छात को लेकर खंडेनाथ मंदिर गए। सुवाकोट की देव छात वड्डा बाजार तक गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें