राजकीय निराश्रित महिला कर्मशाला में रहने वाली 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को वृद्धाश्रम बागेश्वर शिफ्ट करने का फैसला लिया जा रहा है।
ऐसी महिलाओं की संख्या दो है। जबकि 18 साल से कम उम्र की 1 बालिका को अल्मोड़ा या देहरादून भेजा जाएगा। निराश्रित महिला कर्मशाला की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली और बाउंड्री वाल लगाई जाएगी। इस समय इस कर्मशाला में 12 महिलाएं रहती हैं। इनमें 18 से 50 वर्ष की महिलाओं की संख्या 9 है। इनकी संख्या कभी भी बढ़ जाती है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक वीएस धानिक ने निराश्रित महिला कर्मशाला का निरीक्षण करने के बाद अफसरों को निर्देश दिए कि कर्मशाला में कंप्यूटर कोर्स चलाने के लिए आउटसोर्स से प्रशिक्षक की तैनाती की जाए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल ने बताया कि निदेशक के आदेश का जल्दी पालन किया जाएगा और ज्यादा तथा कम उम्र वाली महिलाओं को यहां से शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुसूचित बालिका छात्रावास, बालक छात्रावास में भोजन की व्यवस्था सही पाई गई। साफ सफाई का स्तर भी ठीक मिला।
उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला कर्मशाला की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। लोहे की जाली और बाउंड्री वाल लगाने का काम जल्दी शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा, निराश्रित महिला कर्मशाला की प्रभारी नेत्रा जोशी, कुक जानकी गौतम, धन सिंह समेत अन्य लोग थे। निदेशक ने सूचना का अधिकार के मामलों का त्वरित निस्तारण करने को कहा।