तेजम तहसील की अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में गुस्सा है। उन्होंने शनिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में तहसील परिसर पर प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2016 में खुली तहसील में अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई है। तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो, नाजिर, एक वरिष्ठ लिपिक की तैनाती की गई है, लेकिन इनको अन्यत्र संबद्ध किया गया है। तहसील में कोई भी कामकाज नहीं हो पा रहा है। तहसील भवन के लिए 26 नाली जमीन निशुल्क देने की सहमति ग्रामीण दे चुके हैं, लेकिन तहसील भवन का निर्माण नहीं किया जा रहा है। इन लोगों ने स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा की समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया है।
कहा है कि स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती न होने से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। क्षेत्र में आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए सौ किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। संचार व्यवस्था पुख्ता नहीं की जा रही है। प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगत सिंह, लक्ष्मण सिंह मेहरा, जीवन चंद्र द्विवेदी, देवेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, हरीश सिंह रावत, प्रह्लाद राम आदि शामिल थे।
कनालीछीना तहसील की व्यवस्थाएं भी बेपटरी
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। स्थापना के तीन साल बाद भी कनालीछीना तहसील की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुई हैं। तहसील का दर्जा मिलने के बाद से तहसील में अधिकारियों की तैनाती नहीं हुई है। वरिष्ठ लिपिक के सहारे तहसील संचालित हो रही है। कनालीछीना में वर्ष 2004 में उप तहसील खोली गई। वर्ष 2015 में उप तहसील को तहसील का दर्जा दिया गया, लेकिन अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, रजिस्ट्रार कानूनगो के पद रिक्त हैं। अधिकारियों की तैनाती न होने से लोगों को अब भी डीडीहाट तहसील पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रमाणपत्र डीडीहाट तहसील से बन रहे हैं। इसमें काफी समय लग जाता है। वहीं, तहसील अस्पताल के पुराने भवन में संचालित हो रही है। हालांकि, पूर्व में सतगड़ और सिरोली में तहसील के लिए जमीन देखी गई, लेकिन भूमि का चयन अब तक नहीं किया गया है। इससे लोगों में रोष है। सामाजिक कार्यकर्ता पवन धामी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तहसील की अव्यवस्थाओं पर रोष जताया है। कहा है कि तहसील की व्यवस्था न सुधरने पर जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।