पिथौरागढ़ डीएम कार्यालय के आगे प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
बेड़ीनाग में लछीमा-ओखरानी सड़क निर्माण के लिए चल रहे आंदोलन की गूंज जिला मुख्यालय पहुंच गई है। अब तक सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क को जल्द वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
मंगलवार को कई ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क संपर्क न होने से कई गांव विकास की मुख्य धारा से कटे हैं। परिवहन, चिकित्सा, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है। ग्रामीण सड़क सुविधा की मांग लगातार उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन ग्रामीणों को आमरण अनशन तक करना पड़ रहा है। इस दौरान मुकेश पाठक, गिरीश पाठक, अरविंद, विराट, मुकेश भट्ट, महेंद्र रावत आदि थे।
बजट सत्र में स्वीकृति की मांग
ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दे रहे उक्रांद ने सरकार से इसी बजट सत्र में सड़क को वित्तीय स्वीकृति देने की मांग की है। इस संबंध में दल के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा ने सीएम को ज्ञापन भेजा है। उनका कहना है कि वर्ष 2005 में स्वीकृत योजना अभी भी मूर्त रूप नहीं ले पाई है।
सड़क के लिए आंदोलन जारी
बेड़ीनाग। महरी धर्मशाला में सड़क निर्माण की मांग के आमरण अनशन पर बैठे भुवन चंद्र पाठक (60) के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। मंगलवार को उनका आमरण अनशन का सातवां दिन है। ग्रामीण हलियाडोब-ओखरानी-नाचनी मार्ग के शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति और कार्य शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। मंगलवार को अनशनस्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष बसंत बल्लभ पाठक ने कहा कि आमरण अनशन के 20 दिन बाद भी शासन-प्रशासन का उदासीन रवैया बरकरार है। मंगलवार को धरने पर भुवन पाठक, कैलाश पाठक, ममता पाठक, तनुजा पाठक, रमा देवी आदि बैठे।