कस्टम विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते झूलाघाट के व्यापारी
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भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट कस्बे में कस्टम विभाग के अधिकारियों की मनमानी और अभद्रता के खिलाफ व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कस्टम अधीक्षक का पुतला फूंका और झूलापुल के पास धरने पर बैठ गए। व्यापार संघ ने चेतावनी दी कि जब तक जिला प्रशासन और कस्टम विभाग के आला अधिकारी इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते तब तक व्यापारी धरने पर बैठे रहेंगे। वहीं, सीमा पुल पर किए गए धरना-प्रदर्शन से कई घंटों तक नेपाल जाने वाले लोगों को परेशानी हुई।
व्यापारियों का आरोप है कि कस्टम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रोटी-बेटी के रिश्ते को तार-तार कर रहे हैं। कस्टम के अधिकारी नेपाल से दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी के लिए आने वालों को भी परेशान करने लगे हैं। बृहस्पतिवार को बैतड़ी से एक परिवार बेटी की शादी का सामान लेने झूलाघाट आया था। आरोप लगाया कि कस्टम विभाग के कर्मचारियों ने शादी के लिए ले जाए रहे दो घड़ों को झूलापुल से पार नहीं ले जाने दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही व्यापारी भड़क गए। व्यापारियों ने भारत-नेपाल सीमा पुल पर कस्टम विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर कस्टम अधीक्षक का पुतला फूंक डाला। व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा कि कस्टम विभाग के अधीक्षक के रवैये से हर व्यक्ति परेशान है। सामान खरीद के कागजात होने के बावजूद ग्राहकों को परेशान किया जाता है।
अब तो दैनिक उपयोग का सामान ले जाने में भी अड़चन डाली जा रही है। व्यापारियों ने दो दिन के भीतर कस्टम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को नहीं हटाने पर अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद करने की चेतावनी दी। इस दौरान व्यापार संघ के सचिव सौरव श्रेष्ठ, उपाध्यक्ष रमेश कलखुड़िया, महेशानी महोत्सव के उपाध्यक्ष संजय पंगरिया, मोहन सिंह बिष्ट, जीवन चंद्र भट्ट, एडवोकेट कृष्णानंद कलखुड़िया, बेनीराम कलखुड़िया, सुरेश ओली आदि लोग थे।
आरोपों को निराधार बताया
कस्टम अधीक्षक ओपी शर्मा ने व्यापारियों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हर सामान के साथ जीएसटी की रसीद मांगी जा रही है। नेपाल को ले जाए जाने वाले सामान में ज्यादा सतर्कता बरती जाती है। किसी ग्राहक या व्यापारी को परेशान नहीं किया जाता। सिर्फ उससे सामान की रसीद मांगी जाती है।