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शिक्षकों की तैनाती के लिए सीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन

Wed, 01 Aug 2018 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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सीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन करते झूलाघाट के लोग - फोटो : अमर उजाला
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राजकीय इंटर कॉलेज झूलाघाट में शिक्षकों की तैनाती नहीं करने से नाराज अभिभावक और विभिन्न संगठनों के लोगों ने मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तीन दिन में महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति न होने पर क्रमिक अनशन शुरू करने की धमकी दी।

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एक दर्जन से अधिक गांवों के बच्चों को शिक्षा देने वाले जीआईसी झूलाघाट में प्रधानाचार्य सहित विज्ञान विषय के शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इस कारण विद्यालय से 13 बच्चे टीसी कटाकर पिथौरागढ़ में प्रवेश ले चुके हैं। इससे गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने बुधवार को 36 किमी दूर पिथौरागढ़ पहुंचकर सीईओ कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने तीन दिन में शिक्षकों को आसपास के विद्यालय से भेजने की मांग की।

जिला पंचायत सदस्य सीमा खड़ायत ने सरकार पर सीमावर्ती इलाकों का विकास रोकने का आरोप लगाया। ग्रामप्रधान मजिरकांडा सुरेंद्र आर्या, हरिबल्लभ भट्ट ने भी विचार रखे। प्रदर्शन में ग्रामप्रधान गेठिगाड़ा देवकी देवी, ग्रामप्रधान कानड़ी लक्ष्मण चंद, सरपंच पुष्कर गोबाड़ी, युवा एकता समिति अध्यक्ष अंजली कुमारी, राम चंद्र भट्ट, दिवाकर भट्ट, मोहन चंद्र भट्ट, चंद्रा चंद, सुशीला देवी, माया देवी, जीवन भट्ट, उद्धव लाल श्रेष्ठ, दशरथ खड़ायत, चेतराज पंत आदि थे।
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सुधार के लिए आए वरिष्ठ लोग
पिथौरागढ़। 1955 में बने जीआईसी झूलाघाट की बदहाली के आंदोलन को समर्थन देने के लिए 84 वर्षीय उर्वादत्त पंत और 70 वर्षीय सरस्वती देवी को भी झूलाघाट से आना पड़ा। बुजुर्गों ने सरकार पर सीमांत के विद्यालय की उपेक्षा का आरोप लगाया और जरूरत पड़ने पर अनशन पर बैठने की बात कही।

शिक्षकों के उत्पीड़न और दमन पर उतरी सरकार : भंडारी
पिथौरागढ़। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने कहा कि न्यायोचित मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज करना सरकारी निरंकुशता की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना छोड़कर उनके उत्पीड़न और दमन पर उतर आई है। प्रेस को जारी एक बयान में जिलाध्यक्ष भंडारी ने कहा कि विभागीय अधिकारी शिक्षकों की अधिकतर मांगेें पूरी कर लेने की बातें कह रहे हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षकों के आधे पद अब भी रिक्त हैं। लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया ठप पड़ी है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि शिक्षक को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

सरकार के निशाने पर दर्ज कराए गए शिक्षक नेताओं पर मुकदमे
पिथौरागढ़। मांगों को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर तालाबंदी करने वाले शिक्षक कर्मचारी नेताओं पर अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज करने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने कहा कि अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री के दबाव में कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया है, इसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। जिलाध्यक्ष पंत ने आरोप लगाया कि त्रिवेंद्र रावत सरकार मनमाने ढंग से कार्य कर रही है। पहले स्थानांतरण की मांग पर शिक्षिका उत्तरा बहुगुणा को निलंबित किया गया। अब शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

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