विकास प्राधिकरण के विरोध में शुक्रवार को यहां लोगों ने प्रदर्शन किया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्राधिकरण के विरोध के लिए यहां संयुक्त मोर्चा का गठन कर दिया गया है। विरोध के पीछे तर्क यह दिया गया है कि प्राधिकरण के प्रावधान लागू होने के बाद गांवों में कोई भी निर्माण कार्य बिना अनुमति के संभव नहीं हो पाएगा। लोगों को शौचालय बनाने के लिए भी नक्शा पास कराना पड़ेगा। गांव के लोगों को परेशान करने की मंशा इस आदेश के पीछे रही है। प्राधिकरण के दायरे में राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग के दोनों ओर का दो सौ मीटर का हिस्सा आ रहा है।
संयुक्त मोर्चा के सदस्य नरेंद्र ग्वाल ने कहा कि लोगों को प्राधिकरण के परिणामों को समझने की जरूरत है। यदि समय रहते लोग सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह आदेश बेहद मुश्किल भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के विरोध में गांव के लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। प्रदर्शन में नवीन बुड़ाथोकी, प्रकाश मार्छाल, संजय कुटियाल, दिनेश सिंह, अमित कुटियाल, भुवन पाठक, दीपक दरियाल, हरीश कुटियाल समेत अन्य लोग शामिल हुए। प्राधिकरण के विरोध में अब पूरे जिले में लोग आंदोलित हैं। इससे पहले अस्कोट, जौलजीबी के अलावा जिला मुख्यालय में भी प्रदर्शन हो चुके हैं।