वन विभाग की टीम ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में शिकारियों की टोह लेने के लिए 3700 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने कामयाबी हासिल की है। वन विभाग ने शिकारियों की खोज के लिए 36 कर्मचारी तैनात किए हैं। पिछले एक हफ्ते से कर्मचारी लगातार अभियान चला रहे हैं। वन विभाग की सक्रियता के बाद शिकारी क्षेत्र से नदारद हो चुके हैं। इसके चलते अभी तक कोई शिकारी पकड़ में नहीं आया है।
उपप्रभागीय वनाधिकारी मुरली मनोहर भट्ट ने बताया कि शिकारियों को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। एक टीम का नेतृत्व खुद भट्ट कर रहे हैं। इस टीम ने खलियाटॉप, सुदमखान, टाटी, नामिक होते हुए शामा तक जाने का फैसला लिया है। दूसरी टीम कालामुनि से सुदम उडियार तक जाएगी। पहली बार शिकारियों को पकड़ने के लिए इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी अवैध रूप से शिकार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपप्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि टीम के सदस्यों ने 27 किलोमीटर का पैदल सफर किया। रूरखान के जंगलों में छापामार अभियान चलाया। कई इलाकों में दो फुट तक बर्फ मिली। उन्होंने कहा कि शिकारियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।