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झूलापुल पर कोरोना रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग

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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। व्यापार संघ ने नेपाल से आवागमन शुरू करने के लिये कोविड नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। व्यापार संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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भारत-नेपाल सीमा के बाजार कोरोना की दूसरी लहर के बाद फिर से ठप हैं। राज्य सरकार ने नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया है।
राज्य सरकार की ओर से कोविड कर्फ्यू में ढील का फायदा सीमांत के व्यापारियों को नहीं मिल रहा है। नेपाल से आने वाले लोगों को अभी भी पुल पर कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है।
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इस वजह से नेपाल के लोग झूलाघाट की मंडी में खरीदारी करने नहीं आ रहे हैं। व्यापार चौपट होने से व्यापारी परेशानी में हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष जगदीश जोशी ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में भी यहां का व्यापार 18 माह तक ठप रहा।
सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से तीन हजार रुपये का झुनझुना प्रत्येक व्यापारी को थमा दिया। आज दो माह बाद फिर से यहां का व्यापार ठप हो गया है। व्यापारी बैंकों का ऋण तक नहीं दे पा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और पेयजल मंत्री को डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजकर दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों में कोरोना मरीजों की घटती संख्या को देखते हुए आरटीपीसीआर जांच की अनिवार्यता बंद करने की मांग की है।
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व्यापारियों ने कहा बैंकों के ऋण को लंबे समय में जमा करने की छूट के साथ ही प्रत्येक व्यापारी को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
इनमें सचिव लवदेव भट्ट, भैरव पंगरिया, दशरथ खड़ायत, डब्बू कलखुड़िया, मो. अय्यूब, मोहन भट्ट, दिनेश गड़कोटी, जगदीश शर्मा आदि रहे।
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