भारत-चीन व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से मुलाकात कर लिपुलेख दर्रे से बंद व्यापार को फिर से संचालित करने की मांग उठाई।
भारत-चीन व्यापार समिति के पदाधिकारियों ने दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से मुलाकात कर लिपुलेख दर्रे से बंद व्यापार को फिर से संचालित करने की मांग उठाई। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के नेतृत्व में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री से मिले व्यापारियों ने बताया कि उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होने वाला भारत-चीन व्यापार कोरोना काल से बंद चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि व्यापार वर्ष 1992 से प्रत्येक वर्ष जून से शुरू होकर अक्तूबर तक नियमित रूप से चल रहा था। वर्ष 2019 के बाद कोराना महामारी के चलते व्यापार पूरी तरह से बंद है।
उन्होंने कहा है कि इससे भारतीय व्यापारियों का सामान चीन की मंडी तकलाकोट में छूट गया। साथ ही एकमात्र आजीविका का साधन बंद होने से व्यापारियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा है कि अब कोरोना महामारी समाप्त हो गई है और सीमांत क्षेत्र से कैलाश मानसरोवर यात्रा भी इस वर्ष से शुरू हो रही है। उन्होंने यात्रा के साथ ही व्यापार को भी शुरू किए जाने की भी मांग उठाई। मंत्री से मुलाकात करने वालों में समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रोकली, महासचिव दौलत सिंह रायपा, रुकम सिंह बिष्ट, रतन रायपा और महेश सिंह ह्यांकी शामिल रहे।