पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के लोगों ने समस्याएं सुलझाने के लिए जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई माह से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। इस कारण पांच हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान मुन्नी देवी के नेतृत्व में मंगलवार को मवानी दवानी के लोग पिथौरागढ़ पहुंचे। उन्होंने डीएम कार्यालय के बाहर शासन प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि जुलाई 2020 की आपदा में बारिश से गोरी नदी में आई बाढ़ से लुम्ती-घरुड़ी में बनी गरारी बह गई थी। इसका निर्माण नहीं हो पाया है। लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
लोग लकड़ी का कच्चा पुल बनाकर आवाजाही कर रहे हैं लेकिन अब नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। इससे कई गांवों को खाद्यान्न समेत कई जरूरी चीजों के लिए लोगों को जूझना पड़ेगा। बच्चे स्कूल तक नहीं आ पाएंगे। कहा जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में त्रिलोक सिंह, गोविंद सिंह, हेमंत राणा, बलवंत सिंह, कविराज गोस्वामी, ईश्वर बिष्ट आदि रहे।
आपदा में मृत युवक का मुआवजा देने की मांग
पिथौरागढ़। पूर्व प्रधान भगत सिंह मेहरा ने बताया कि अगस्त 2020 को मवानी दवानी के 30 वर्षीय भूपेंद्र सिंह की मृत्यु मल्ला जोहार स्थान स्यूनी में प्राकृतिक आपदा में आने से मौत हो गई थी।
इसकी पत्नी को मुआवजा नहीं दिया गया है। इस कारण परिवार का लालन-पालन मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि 2020 की आपदा में चुमड़ियाथौड़ नाले के मलबे से लुम्ती घरुड़ी के पास गोरी नदी में दो किमी लंबी झील बनी है।
इससे तल्ला घरुड़ी के आठ, मल्ला घरुड़ी के 21 परिवार खतरे में हैं। तल्ला-मल्ला घरुड़ी क्षेत्र में बनी झील को खोला जाना चाहिए। तल्ला घरुड़ी, मल्ला घरुड़ी, तल्ला-मल्ला मनकोट, मवानी दवानी में गोरी नदी से हो रहे कटाव को रोकने के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।