फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांवों को पूर्ण प्रभावित घोषित करने की मांग उठी

Wed, 23 Aug 2017 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
विज्ञापन
बगड़ीहाट में पंचेश्वर बांध की जनसुनवाई करते पंचायतकर्मी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंचेश्वर बांध से प्रभावित गांवों में अब ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से जनसुनवाई कराई जा रही है। कई गांवों में हुई सुनवाई के दौरान लोगों ने गांवों को पूर्ण प्रभावित घोषित करने, बांध की डीपीआर फिर से बनाने की मांग की। साथ ही सुनवाई में बांध प्राधिकरण के किसी प्रतिनिधि के न होने पर सवाल उठाए।
विज्ञापन


ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शेर सिंह ऐरी, ग्राम विकास अधिकारी नवीन चंद्र तिवारी ने मंगलवार को बगड़ीहाट, गर्जिया, जोग्यूड़ा, भेलिया ग्राम पंचायतों में जनसुनवाई की। ग्रामीणों ने एक स्वर से कहा कि बांध से प्रभावित हो रहे गांवों को पूर्ण प्रभावित घोषित किया जाना चाहिए। ग्रामीणों को सर्किल मूल्य से मुआवजा मिलना चाहिए। बांध प्रभावितों को तीन पीढ़ी तक पेंशन देने का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही खनिज पदार्थों का मुआवजा प्रभावितों को मिलना चाहिए। लोगों ने कहा कि यदि गांवों को पूर्ण प्रभावित नहीं माना जाएगा तो उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलेगा। थोड़ा, बहुत मुआवजा देकर लोगों को टरका दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने बांध की पहले बनी डीपीआर को बगैर स्थल पर आए बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बांध की डीपीआर फिर से बननी चाहिए। डीपीआर बनाने से पहले प्रभावित इलाकों का सर्वे होना चाहिए। ग्रामीणों ने गांवों में की जा रही जनसुनवाई में पंचेश्वर बांध प्राधिकरण के किसी भी प्रतिनिधि के शामिल न होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनसुनवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जनसुनवाई में बांध प्राधिकरण के अधिकारियों को मौजूद रहना चाहिए। जनसुनवाई में बगड़ीहाट के ग्राम प्रधान रामू सिंह बिष्ट, गर्जिया के प्रधान नरेंद्र सिंह बसेड़ा, योगेंद्र पाल, बलवीर चंद, धर्मेंद्र सिंह धामी, दलीप राम, मनी राम, किशोर राम, कमल राम, कुंदन बसेड़ा आदि ग्रामीण शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें