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डिग्री पूरी, फर्ज अधूरा : पीजी करने गए 22 डॉक्टरों ने सीमांत जिले से मुंह फेरा

Sat, 11 Jul 2026 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। पहले से ही डॉक्टरों की भारी किल्लत झेल रहे सीमांत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उच्च शिक्षा (पीजी) के लिए गए 22 डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनता की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। चिंताजनक बात यह है कि पिछले चार वर्षों के दौरान ये डॉक्टर एक-एक कर पीजी के लिए गए लेकिन डिग्री पूरा होने के बाद भी इनमें से एक भी डॉक्टर सीमांत जिले में वापस सेवा देने नहीं लौटा। डॉक्टरों के मुंह फेर लेने से जहां विभाग लाचार नजर आ रहा है, वहीं बेहतर इलाज के लिए लोग तरस रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले के अस्पतालों में तैनात 22 डॉक्टर बीते चार साल के भीतर शासन से अनुमति लेकर पीजी के लिए गए। इनमें से कई डॉक्टरों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है लेकिन वे वापस नहीं लौटे हैं। कागजों में तो इनकी तैनाती है लेकिन ये अस्पतालों में मौजूद नहीं हैं।
कागजों में तैनाती के चलते ये पद रिक्त नहीं माने जा सकते। ऐसे में इनकी जगह नए डॉक्टरों की नियुक्ति का रास्ता भी पूरी तरह बंद है। जिले में पहले से ही 70 डॉक्टरों की कमी है। अब पीजी करने के लिए जाने और वापस न लौटने से डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ये डॉक्टर मेडिकल की उच्च शिक्षा लेने के बाद सीमांत जिले में लौटकर अपना फर्ज निभाएंगे या नहीं इस पर सभी को संशय है।
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नई नियुक्ति में भी पहाड़ नहीं चढ़ रहे डॉक्टर
सीमांत जिले में बीते दिनों 18 नए चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश जारी हुए। चिंता की बात है कि सिर्फ 11 डॉक्टरों ने तैनाती ली है। आठ डॉक्टरों ने पहाड़ चढ़ने से मना करते हुए तैनाती लेने से हाथ पीछे खींचे हैं। इन हालात में विभाग और शासन के लिए दुर्गम और सीमांत जिले में डॉक्टरों की कमी को पूरा करना चुनौती बन रहा है।

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डॉक्टर शासन से अनुमति लेकर ही पीजी करने के लिए गए हैं। नई नियुक्तियां भी हो रही हैं। चिकित्सकों की कमी को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए बांड पर भी चिकित्सकों की तैनाती हो रही है। -डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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