टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में मानसूनी बरसात से नदी नाले उफान पर रहे। इससे टनकपुर-ठूलीगाड़ मार्ग पर किरौड़ा में जोखिम के साथ पानी के बीच से वाहन गुजरे, जबकि बाटनागाड़ में दोपहर तक करीब पांच घंटे यातायात बंद रहा। एसडीएम प्रमोद कुमार ने उफान पर आए बाटनागाड़ का जायजा लिया और खतरे को देखते हुए वाहनों को रुकवाया। दोपहर बाद पानी कुछ कम होने पर वाहन निकले। बाटनागाड़ में पुलिस कर्मी अलर्ट रहे।
पहाड़ और क्षेत्र में सोमवार को भी सुबह से ही बारिश रुक-रुक कर होती रही। इससे नदी नाले उफान पर रहे। इससे टनकपुर-ठूलीगाड़ रोड सर्वाधिक प्रभावित रहा। सुबह सात बजे से ही किरौड़ा में बारिश का पानी आता रहा, पानी कम और ज्यादा होता रहा, लोग अधिक पानी होने पर रुकते और कुछ कम होने पर जोखिम लेकर आगे बढ़ते रहे। पुलिस और फायर सर्विस की टीम तैनात रही। दोपहर बाद मौसम कुछ खुला, लेकिन अलर्ट बरकरार रहा। मार्ग पर बाटनागाड़ में सुबह सात बजे से 12 बजे तक पानी के साथ मलबा आने से राह थमी रही। दोनों ओर वाहन खड़े रहे।
लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी और पोकलेन से मलबा हटाती रही, पानी अधिक होने पर जोखिम बना रहा। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित विभागीय कर्मियों को खतरे को देखते हुए यातायात रोकने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद जल स्तर कुछ कम होने पर वाहन निकलते रहे, टीम मौके पर तैनात है और मलबा निरंतर हटाया जा रहा है। बारिश को देखते हुए खतरा बना रहा।
टीजे रोड दिन भर बंद रही, शाम पांच बजे खुल सकी
टनकपुर (चंपावत)। भारी बारिश के बीच डेंजर जोनों में मलबा गिरने से दूसरे दिन भी सुबह से टीजे रोड किमी 14-15 के बीच बंद रही। दोपहर बाद मौसम कुछ खुलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम का कार्य तेज हो पाया और शाम पांच बजे मलबा हटा कर मार्ग खुल सका। बारिश होने पर मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। इससे चूका क्षेत्र के लोगों का शाम तक टनकपुर तक सड़क संपर्क बंद रहा।
वर्तमान में टनकपुर-जौलजीबी रोड के प्रथम चरण 55 किमी रूपालीगाड़ तक सड़क पर वाहन दौड़ रहे हैं। इससे चूका, सीम, दियूरी समेत अनेक गांवों के लोगों को टनकपुर आने जाने में आसानी हो रही है। मानसून की बारिश शुरू होने के बाद से मार्ग पर उभरे डेंजर जोनों में मलबा राह रोक रहा है। लोक निर्माण विभाग के जेईई विजेंद्र पोखरिया ने बताया कि किमी 14-15 के बीच डेंजर जोन उभरा है, इसमें सबसे अधिक मलबा गिर रहा है। मौके पर जेसीबी, पोकलेन तैनात है, लेकिन बारिश होते ही मलबा गिरने से कार्य में बाधा आ रही है। सोमवार को भी दोपहर बाद तक बारिश अधिक होने से मलबा आता रहा। इसके बाद मलबा हटाकर शाम पांच बजे यातायात सुचारू हो सका, लेकिन बारिश होते ही मलबा गिर रहा है, इससे खतरा बना हुआ है, टीम निरंतर मलबा हटाने में जुटी है।