फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूध बेचकर परिवार पालने वाले उमेद सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़

विज्ञापन
पोस्टमार्टम हाऊस में लगी लोगों की भीड़। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। तेंदुए के हमले में मृत कलावती दूध बेचकर परिवार की आजीविका चलाता था। अब कलावती की मृत्यु से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल होने के कारण उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विज्ञापन

बजेता गांव के उम्मेद सिंह और उनकी पत्नी कलावती देवी दो भैंस और एक गाय पालकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। मजदूरी कर उन्होंने बड़ी बेटी ललिता और छोटी बेटी भागीरथी का विवाह करा दिया था। बेटियों के कन्यादान के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। दोनों पति-पत्नी पशुपालन और मेहनत मजदूरी कर बेटे ललित को पढ़ा रहे थे।
कलावती पशुओं के लिए चारे समेत सभी व्यवस्थाएं करती थी। बृहस्पतिवार को कलावती की मौत से चिंतित पति उम्मेद समेत बच्चे भी बदहवाश हो गए हैं। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद कलावती का शव परिजनों को सौंपा गया।
विज्ञापन

परिजनों ने वनाधिकारियों से एक परिजन को वन विभाग में नौकरी देकर वाजिब मुआवजा भी शीघ्र देने की मांग की है। ग्रामीणों ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने और गांव में पिंजरा लगाने को कहा है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, रेंजर पूरन सिंह देउपा, सामाजिक कार्यकर्ता बहादुर सिंह आदि रहे।
दो माह पूर्व बजेता से लगे कापड़ीगांव में तेंदुए ने किया था घायल
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। दो माह पूर्व बजेता से लगे कापड़ी गांव में तेंदुए ने मवेशियों को चारा देने आई लक्ष्मी पर हमला किया था। घायल लक्ष्मी देवी हल्द्वानी में उपचार के बाद घर लौट आई है।
इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार तेंदुआ दिख रहा है। वन विभाग ने खड़ेती तोक में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास नहीं फटका। ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष रवींद्र कुमार का कहना है कि वन विभाग की टीम भी पिंजरे को देखने नहीं आई।
ख्वांतड़ी गांव में लगातार दिख रहा बूढ़ा तेंदुआ
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। बजेत गांव के ऊपर स्थित ख्वांतड़ी गांव में एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ दिख रहा है। वह रातभर गुर्रा रहा है। इससे लोग दहशत में हैं। कुछ दिन पूर्व रात में ग्रामीणों ने मशाल और डंडे लेकर उसे भगाया था।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ काफी बूढ़ा है। इस कारण वह भाग भी नहीं पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मी पर्यटकों की तरह कभी-कभार ही गांव में दिख रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने की मांग की है।
पिंजरा लगाने और तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेज दिया है। शीघ्र ही पिंजरा लगा दिया जाएगा। वन विभाग की टीम संभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है।
विज्ञापन

- पूरन सिंह देउपा, वन रेंजर डीडीहाट।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें