गर्मी के मौसम में हालांकि ठुलीगाड़ पंपिंग योजना में पानी कम हो गया है लेकिन जल निगम और जल संस्थान के संयुक्त प्रयास से दौला ट्यूबवेल का पानी इस योजना के कासनी स्थित फिल्टरेशन टैंक में पहुंचने लगा है। रविवार की शाम जब ट्रायल के तौर पर ट्यूबवेल का पानी कासनी टैंक में छोड़ा गया तो चार घंटे में 60 हजार लीटर पानी जमा हो गया। ठुलीगाड़ योजना का पानी भी इसी फिल्टरेशन टंकी में लाया जाता है। इस कामयाबी से अधिकारी खासे उत्साहित हैं। बड़ती गर्मी से क्षेत्र के लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
जल संस्थान के ईई विशाल सक्सेना ने बताया कि दौला ट्यूबवैल से इस समय एक मिनट में 250 लीटर पानी मिल रहा है। रविवार को दो घंटा सुबह और दो घंटा शाम यह ट्यूबवेल चलाया गया और चार घंटे में 60 हजार लीटर पानी टंकी में पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अब इस पानी की मात्रा बढ़ाकर कम से कम एक लाख लीटर रोजाना किया जाएगा। इतना पानी मिलने पर ठुलीगाड़ परियोजना से आच्छादित इलाकों में पानी की कमी नहीं रहेगी। इस समय ठुलीगाड़ पंपिंग योजना से करीब तीन एलएलडी पानी मिल रहा है। गर्मी बढ़ने से पिछले दो दिनों में इस मात्रा में कमी आई है। पिछले साल तक गर्मी के सीजन में पानी की कमी हो जाने पर सिर्फ एक पंप चलाया जाता था।
ईई ने बताया कि ट्यूबवेल से पानी मिलने से अब ठुलीगाड़ परियोजना में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा। यदि पंपिंग के पानी में कमी आएगी तो उसकी पूर्ति ट्यूबवेल का पानी कर देगा। दौला में ट्यूबवेल से पानी प्राप्त करने की कवायद साल भर पहले शुरू की गई थी। इसका ट्रायल एक बार पहले हो चुका था। बाद में जल निगम ने ट्यूबवेल से कासनी टैंक तक लाइन बिछाने का काम शुरू किया। अब यह काम पूरा हो चुका है।