दारमा क्षेत्र में मची ह्या गबला पूजा की धूम
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आजकल सीमांत के दारमा क्षेत्र में पूजापाठ की धूम मची है। सीमांत के दारमा क्षेत्र में सीपू, मार्छा, तीदांग, गोे, फिलम, ढाकर, दांतु, दुग्तू, बालिंग, नांगलिंग आदि गांवों में अपने ईष्ट देेव ह्या गबला (श्री गणेष) की पूजा अर्चना चरम पर हैं। देश, विदेश से सैकड़ों लोग दारमा क्षेत्र में पहुंचे हैं। बौन आदि कुछ गांवों में तो पांच वर्ष बाद पूजा-अर्चना की जा रही हैं।
अपने मूल गांवों में पूजा-अर्चना के बाद अपने ईष्ट देवता का आभार ज्ञापित करने के लिए लोग निचले ईलाकों में भी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। दारमा क्षेत्र के दांतू गांव के ग्रामीणों ने जौलजीबी स्थित अपने ईष्ट ह्या गबला देव मंदिर में पूजा की। मंदिर में जागरण, भजन, कीर्तन और हवन किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से दलंग, दच्यो, आलम स्थापित की गई। पुजारी जमन सिंह दताल द्वारा देवता को भोग लगाया। कर्मे (दीप) प्रज्ज्वलित किया। पूजा के बाद ग्रामीणों को प्रसाद वितरित किया गया। सभी गांव वासियों ने सामूहिक भोज किया।
अपने मूल गांवों में पूजा के बाद ग्रामीण काफी उत्साहित हैं। पुजारी जमन सिंह ने बताया कि पूजा में सारे क्षेत्र के लिए सुरक्षा, सुख शांति की कामना की गई। वर्ष 2013 की तरह आपदा की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए विशेष पूजा की गई। प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. गोविंद तितियाल ने अपने सहयोगियों डॉ. नितिन, डॉ. असिद त्रिपाठी के साथ दारमा क्षेत्र के दस गांवों में नेत्र शिविर आयोजित किया दवाइयां वितरित की।