दरकती पहाड़ी से खतरे में आया बांसबगड़ गांव
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना डिवीजन की लापरवाही बांसबगड़ के लोगों पर भारी पड़ सकती है। बांसबगड़ से धामीगांव जाने वाली सड़क के ऊपर कई सालों से भूस्खलन हो रहा है। बोल्डर बांसबगड़ गांव में गिरते हैं, लेकिन विभाग सुरक्षा दीवार तक का निर्माण नहीं कर रहा है।
धामीगांव सड़क से बांसबगड़ गांव को खतरे का मामला नया नहीं है। इलाके के लोग पिछले तीन साल से सुरक्षा के उपाय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सड़क कटिंग के कारण पहाड़ी दरक रही है। वर्ष 2016 में दो बोल्डर गिरने से बांसबगड़ निवासी रमेश जोशी के कई फलदार पेड़ नष्ट हो गए थे। दरकती पहाड़ी से अगर भूस्खलन हुआ तो बांसबगड़ के 30 परिवार इसकी चपेट में आ जाएंगे। दरकती पहाड़ी के कारण बांसबगड़ के लोग भयभीत हैं।
बांसबगड़ की ग्राम प्रधान दीपा जोशी दरकती पहाड़ी पर सुरक्षा के उपाय न करने पर नाराजगी जताते हुए कहतीं हैं कि पीएमजीएसवाई के कार्यालय में जाकर खतरे से अवगत कराया। तीन साल से पहाड़ी दरक रही है।
लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मामला उठा रहे हैं। एक बार प्रशासनिक टीम ने निरीक्षण भी किया, लेकिन सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए। अगर भविष्य में कोई हादसा होता है तो पीएमजीएसवाई के अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।