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घास काटुंलो ईजू ऊंचा डाना में..

Sun, 28 Feb 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में लगे सहकारिता मेले में शनिवार रात लोक गायक गोविंद दिगारी, खुशी जोशी, कैलाश कुमार, पप्पू कार्की के साथ ही हिमनगरी सांस्कृतिक कला केंद्र मुनस्यारी के कलाकारों ने धमाल मचाया। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दीप जलकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत कराई।
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गोविंद दिगारी और खुशी जोशी ने सिलगड़ी का पालाचाला गीत से दर्शकों को पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखाई। खुशी जोशी ने घास काटुंलो ईजू ऊंचा डाना में, सासु मेरी झुरी रौली मनै मनै मा गीत से पहाड़ की महिला की व्यथा सामने रखी। उभरते गायक कैलाश कुमार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। पप्पू कार्की ने ऐजा रे चैत वैशाख म्येरा मुनस्यार गीत से वाहवाही लूटी। उन्होंने डीडीहाट की कमला छोरी गीत सुनाया। सुंदर कुमार ने पहली मुलाकात में प्यार हैगोछ की प्रस्तुति दी। स्कूली बच्चों ने भी मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। हास्य कलाकार उमेश उप्रेती ने अपने हास्य पुट से दर्शकों को लोटपोट कर दिया।

मुख्य अतिथि विधानसभाध्यक्ष कुंजवाल, विशिष्ट अतिथि विधायक मयूख महर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने आयोजन की सराहना की। राज्य सहकारिता परिषद के उप सभापति महेंद्र सिंह लुंठी ने सहयोग के लिए मुख्य अतिथि के साथ ही सभी का आभार जताया। संचालन उद्घोषक जनार्दन उप्रेती जन्नू दा, कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया ने किया।
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पर्वतीय कृषि और पलायन विषय पर हुई परिचर्चा
सहकारिता मेले में रविवार को तकनीकी सत्र में पर्वतीय कृषि और पलायन विषय पर परिचर्चा की गई। परिचर्चा की शुरुआत सहकारिता परिषद के उप सभापति महेंद्र सिंह लुंठी ने कराई। प्रथम सत्र में सहकारिता के स्टेट नोडल आफीसर डा. अरविंद जोशी ने प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से पर्वतीय कृषि में तकनीकी एवं वैज्ञानिक सुधार की अपेक्षा पर प्रकाश डाला। जिला सहकारी बैंक के निदेशक पीतांबर भट्ट ने कहा कि सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

बुनकरों के उत्पादों की धूम
सहकारिता मेले में सीमांत के बुनकरों के उत्पादों की धूम मची हुई है। वर्ष 1985 में बलुवाकोट (धारचूला) निवासी चंद्र सिंह बुदियाल ने जय दुर्गे बुनकर औद्योगिक उत्पादन समिति धारचूला का गठन कर बुनकरी को उद्योग का दर्जा देने के प्रयास शुरू किए। समिति के अधीन मुनस्यारी के 30, धारचूला के 9, बलुवाकोट के 10, घाटीबगड़ के 5, छारछुम के 10, कालिका के 5 बुनकर जुड़े हैं। बुनकरों के उत्पाद लोगों की खास पसंद बने हुए हैं। स्टाल संचालक गणेश सिंह ग्वाल ने बताया कि उनके उत्पादों को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड खरीदता है। बताया कि स्टाल में लगे ऊनी उत्पादों में 20 से 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

स्टाल मुफ्त मिलने के साथ ही मिल रहा भोजन
सहकारिता मेले में अपने उत्पाद लेकर आए लघु उद्यमियों और महिला समूहों, सहकारी समितियों के लोगों को सहकारी विभाग ने स्टाल तो मुफ्त उपलब्ध कराए ही हैं, उनके चाय, नाश्ते के साथ ही भोजन की व्यवस्था भी विभाग कर रहा है। अन्य मेलों में स्टाल की ही काफी रकम वसूल ली जाती थी।
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