दैणा होया भूमि का भूमिया हो...
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मल्किार्जुन महोत्सव की पहली शाम कला दर्पण सांस्कृतिक मंच पिथौरागढ़ के कलाकारों के नाम रही। दल के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। सोमवार दोपहर आयोजन स्थल पर खेलकूद प्रतियोगिताएं हुई।
दल के कलाकारों ने ‘दैणा होया भूमि का भूमिया हो, दैणा होया पंचनाम देवा हो’ से कार्यक्रमों की शुरुआत की। इसके बाद ‘लाठी टेक्यो बोजो बोक्यो लाउ लाउ लाउ, दिन मेरा बीतीया हुजुर लाउ लाउ लाउ’ के साथ ही अनेक नेपाली, कुमाऊंनी गीतों से कार्यक्रम में रौनक ला दी। नेपाली गीतों पर दर्शक झूमने लगे। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला। मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल ने सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि रजवार भानुराज पाल, आनंद बल्लभ ओझा, गोविंद सिंह रावत, तनुज पाल थे। अध्यक्षता पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, संचालन गोविंद भंडारी ने किया।
सोमवार दोपहर मंच में स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी। छात्रों के बीच 10 मीटर, 400 मीटर दौड़, कुर्सी दौड़, नीबू चम्मच दौड़ कराई गई। खेलों के संचालन में शिक्षक योगेंद्र निर्मल, राजनारायण धामी, कैलाश पंत, चारुचंद्र पंत, लक्ष्मण प्रसाद ने सहयोग दिया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेश पाल ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।