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आग से हर ओर नुकसान, आदमी और जानवर दोनों परेशान

Thu, 09 May 2019 11:48 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो,डीडीहाट/कनालीछीना/गणाईगंगोली।
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गणाईगंगोली में कूना मेतकुड़ी जंगल में लगी आग। - फोटो : AMAR UJALA
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  सीमांत जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग विकराल रूप से फैलने लगी है। संवेदनशील वन पंचायतों को आग बुझाने के लिए धनराशि मिलती है। बावजूद इसके आग लगने पर पंचायतें वन विभाग का मुंह ताकती हैं। इससे कई जगहों पर आग अनियंत्रित होकर वन्य संपदा और जीव-जंतुओं को नष्ट कर देती है। 
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डीडीहाट के क्षनपट्टा के जंगलों में सीराकोट के नीचे बुधवार शाम छह बजे भीषण आग धधक गई। जैव विविधता से परिपूर्ण क्षेत्र में ग्रामीणों के पानी के स्रोत भी हैं। चीड़ के जंगलों से धधकी आग ने बांज के जंगल को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी वीके राय ने बताया कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। उन्होंने बताया कि आग लगाने वालों की शिनाख्त की जा रही है। उधर कनालीछीना के ग्राम पंचायत सिरौली के जंगल में लगी आग पर चार घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने काबू पाया। आग से हरे पेड़-पौधे जल गए हैं। सरपंच दान सिंह भंडारी ने आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई है। आग बुझाने में महेश कोहली, बबलू कोहली, देव सिंह सिरौला ने सहयोग किया। उधर गणाई गंगोली के वन पंचायत कूना भेतकुड़ी के जंगल में बुधवार शाम आग धधक गई। देखते ही देखते आग चारों ओर फैल गई। सूचना पर रात आठ बजे सरपंच पूरन चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में टीम पहुंची और 10 बजे रात आग पर काबू पाया जा सका। 
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धू-धूकर जलता रहा हचेती का जंगल 
थल (पिथौरागढ़)। हजेती के वन क्षेत्र में कालीगाड़ के पास चीड़ का जंगल जलता रात भर जलता रहा। शाम को कुछ अराजकतत्वों ने कालीगाड़ के पास आग लगा दी। आग ने देखेते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग के धुएं का प्रदूषण चारों और फैला हुआ है। आग लगने से थल क्षेत्र में धुंध छा गई है। इससे लोगों के आंखों में जलन और खरांश होने लगी है। आग जहां लगी हैं उससे 100 मीटर दूरी पर वन विभाग का डाक बंगला स्थित है। वन विभाग बेड़ीनाग के रेंजर जगदीश जोशी ने बताया रातभर आग बुझाने का प्रयास किया गया। स्टाफ कमी को देखते हुए बृहस्पतिवार सुबह अन्य कार्मिकों को रेंज से बुलाकर आग पर सुबह 11 बजे काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया बुधवार शाम आग बुझा दी गई थी लेकिन रात में अराजक तत्वों ने दोबारा आग लगा दी, जिससे स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि आग लगाने वाले की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आग लगाने वाले का पता लगने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
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धामी फल्याती के जंगल आग से धधके
नाचनी (पिथौरागढ़)। धामी फल्याती और मूर्ति, कालूछीना के वनों में आग धधक रही है। हजार से 1500 मीटर की ऊंचाई वाले मिश्रित वनों में आग लगने से बहुमूल्य वन संपदा खाक हो गई है। आग लगने के बावजूद वन पंचायतों की ओर से इस पर नियंत्रण के कोई प्रयास नहीं किए गए। इस पर ग्रामीणों ने डीडीहाट वन क्षेत्राधिकारी को आग लगने की सूचना दी। सूचना पर दो वन दारोगा, एक वन बीट अधिकारी, चार वन कर्मी और मजदूर आग बुझाने के लिए पहुंचे। आग से करीब 6 हेक्टेयर वन क्षेत्र खाक हो गया है।  
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