मुनस्यारी में सुबह के समय मौसम ठंडा रहता है। तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस के बीच था। रात की बूंदाबादी से हवा में ऐसी ठंडक थी कि दिसंबर का सा आभास हो रहा था। हिमालयन साइकिलिंग क्लब के सदस्यों ने सोमवार सुबह सात बजे मुनस्यारी से आगे का सफर शुरू किया। कालामुनि से बिर्थी फाल, गिरगांव, तेजम तक सड़क ढलान वाली है। इसमें साइकिल सरपट भागती है।
तेजम से ऊपरी रामगंगा घाटी वाला इलाका आ जाता है। इसमें गर्मी रहती है। आज साइकिलिंग क्लब के सदस्यों ने मुनस्यारी से थल तक 90 किलोमीटर और थल से डीडीहाट तक 30 किलोमीटर का सफर तय किया। हिमालयन साइकिलिंग क्लब के सदस्य सुरेंद्र पंवार ने बताया कि थल से मुनस्यारी तक का ट्रैक बेहद सुंदर है। इस रास्ते में कई नदियां, झरने और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर स्थान मिलते हैं। क्लब के सदस्य इमरान हुसैन ने बताया कि यदि थल-मुनस्यारी रोड पर हरड़िया नाला बार बार व्यवधान नहीं डालता तो यह सड़क कभी भी बंद नहीं होती। यहां मलबे को रोकने के लिए स्थायी इंतजाम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मुनस्यारी, नाचनी, थल, डीडीहाट में युवाओं तथा आम लोगों को साइकिलिंग के प्रति प्रेरित किया। मंगलवार को दल के सदस्य डीडीहाट से पिथौरागढ़ तक का सफर पूरा करेंगे। अभियान दल में वीरेंद्र दरियाल, बासु पांडे, चंद्रमोहन पांडे, जगदीश भट्ट और ललित पंत भी शामिल हैं।