धारचूला में कस्टम विभाग का पुतला फूंकते व्यापारी
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जीएसटी लागू होने के बाद नेपाल सामान ले जाने के मामले में व्यापारियों और कस्टम विभाग के बीच चल रही तकरार रविवार को और ज्यादा बढ़ गई। शनिवार को यहां पहुंचकर अपर जिलाधिकारी मोहम्मद नासिर ने जीएसटी पंजीकरण होने तक व्यापारियों से पैनकार्ड और आधारकार्ड पंजीकरण के सहारे व्यापार करने का विकल्प दिया था, लेकिन 24 घंटे बाद ही कस्टम विभाग के अधिकारी इस विकल्प को मानने से मुकर गए।
कस्टम अधिकारी डीएस शुक्ला ने रविवार को फिर से नेपाल की तरफ सामान ले जाने पर रोक लगा दी। इससे आक्रोशित व्यापारियों ने कस्टम विभाग का पुतला फूंका। उन्होंने सोमवार को आधे दिन तक बाजार बंद रखने और 18 जुलाई को पूर्ण बंद के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को भी बंद करने का ऐलान कर दिया है।
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि अभी किसी व्यापारी के पास जीएसटी के नियम नहीं पहुंचे हैं। सभी व्यापारी अपने पुराने सामान को पुराने दाम पर ही बेच रहे हैं तो कस्टम विभाग अड़ंगा क्यों लगा रहा है। उन्होंने कहा कि झूलापुल पर सामान की चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को फोन कर कहा कि धारचूला का हर व्यापारी परेशान है और नेपाल के छोटे ग्राहकों के सामने गंभीर समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब आरपार की लड़ाई होगी और समाधान के लिए जिलाधिकारी को आना होगा।
पुतला दहन के समय नवीन खर्कवाल, राजेश कुटियाल, जगदेव डोगरा, नेत्र सिंह कुटियाल, लक्ष्मी परमार, मोहनी देवी, प्रकाश गुंज्याल, भीम सिंह रावत, मो. असलम, वीरेंद्र नपलच्याल आदि व्यापारी थे। व्यापार संघ ने अपने आंदोलन का पूरा कार्यक्रम एसडीएम आरके पांडे को भी सौंप दिया है।