अस्कोट के खोलिया गांव में भीमल के पेड़ों के बीच से गुजरती विद्युत लाइन। संवाद
अस्कोट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के गांवों में पेड़ों से गुजर रही बिजली लाइन से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी लाइन को दुरुस्त नहीं कर यूपीसीएल किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खतरे को देखते हुए वे न तो पेड़ों से फल तोड़ पा रहे हैं और ना ही पशुओं के लिए चारा काट पा रहे हैं।
खोलिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ों के बीच से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन से ग्रामीण परेशान हैं। करंट के डर से ग्रामीण मवेशियों के लिए चारा नहीं काट पा रहे हैं। आम तौर पर भीमल, तिमला, खन्या आदि पेड़ों की हरी पत्तियां पशुओं के चारे में उपयोग में लाई जाती हैं। पेड़ों पर झूलते बिजली के तारों से ग्रामीण चारा पत्ती भी नहीं काट पा रहे हैं।
ग्रामीण टिकेंद्र पाल, सुंदर सिंह, बिमला देवी तुलसी देवी आदि ने कहा कि उनके घरों के आसपास पेड़ों के बेहद पास से गुजर रही बिजली की लाइन से खतरा बना हुआ है। हालात यह हैं कि करंट के डर से बच्चों की पहरेदारी करना मजबूरी बन गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द पेड़ों पर झूलते तारों को ठीक नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में यूपीसीएल के लाइनमैन हेमराज धामी ने कहा कि झूलते तारों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। मामले में उच्चाधिकारी ही उचित निर्णय ले सकते हैं।