भूस्खलन से मुनस्यारी का कोट्यूड़ा गांव खतरे में आ गया है। गांव में जमीन दरक रही है। गांव के 21 मकान खतरे से घिर गए हैं। राजस्व टीम मौके का मुआयना कर रही है। प्रभावित लोग विस्थापन की मांग कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से कोट्यूड़ा गांव के वजूद को खतरा पैदा हो गया है। गांव में कई स्थानों पर जमीन दरक गई है। इससे गांव के अधिकांश मकान खतरे की जद में आ गए हैं। गांव के कुंदन सिंह पुत्र आन सिंह, गंगा सिंह पुत्र लछम सिंह, दीवान सिंह पुत्र लक्षम सिंह, पुष्कर सिंह पुत्र धरम सिंह, गंगा सिंह पुत्र रुद्र सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र रमेश सिंह, किशन सिंह पुत्र कल्याण सिंह, हयात सिंह पुत्र खुशाल सिंह, मनोहर सिंह पुत्र श्याम सिंह, त्रिलोक सिंह पुत्र प्रेम सिंह, गोविंद सिंह पुत्र प्रेम सिंह, नरेंद्र सिंह पुत्र धरम सिंह, लाल सिंह पुत्र शेर सिंह, शेर सिंह पुत्र पुष्कर सिंह, रुद्र सिंह पुत्र खुशाल सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र कुंदन सिंह, डेबिट सिंह पुत्र दुर्गा सिंह, महिमन सिंह पुत्र रतन सिंह, मनोज कुमार पुत्र कुंदन सिंह, संजीव कुमार पुत्र कुंदन सिंह, इंद्र सिंह पुत्र विशन सिंह के मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
जमीन दरकने से गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। प्रभावितों ने खतरे की जद में आए गांव को किसी सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व दल गांव के निरीक्षण के लिए गया है। राजस्व दल की रिपोर्ट के आधार पर गांव और गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए ऐहतियाती कदम उठाए जाएंगे।